परग्रही जीवन श्रंखला भाग 09 : उड़नतश्तरीयां


कुछ लोगो का विश्वास है कि परग्रही प्राणी उड़नतश्तरीयो से पृथ्वी की यात्रा कर चूके है। वैज्ञानिक सामान्यतः उड़नतश्तरी के समाचारो पर विश्वास नही करते है और तारो के मध्य की विशाल दूरी के कारण इसकी संभावना को रद्द कर देते है। वैज्ञानिको इस ठंडी प्रतिक्रिया के बावजूद उड़नतश्तरी दिखने के समाचार कम नही हुये…

परग्रही जीवन श्रंखला भाग 05 : पृथ्वी जैसे सौर बाह्य ग्रह की खोज


परग्रही जीवन की खोज के लिये प्रस्तावित ड्रेक का समिकरण पूरी तरह से परिकल्पित(Hypothetical) है। यह समिकरण एक संभावना ही दर्शाता है जो कि वास्तविकता भी हो सकती है। दूसरी ओर सेटी प्रोजेक्ट अंतरिक्ष मे जीवन की खोज बेतरतीब रूप से कर रहा है। परग्रही जीवन की खोज का एक उपाय सौर मंडल के बाहर पृथ्वी…

Wow! संदेश 15 अगस्त 1977 को सेटी मे कार्यरत डा जेरी एहमन ने ओहीयो विश्वविद्यालय के बीग इयर रेडीयो दूरबीन पर एक रहस्यमयी संदेश प्राप्त किया। इस संदेश ने परग्रही जीवन से संपर्क की आशा मे नवजीवन का संचार कर दिया था। यह संदेश 72 सेकंड तक प्राप्त हुआ लेकिन उसके बाद यह दूबारा प्राप्त नही हुआ। इस रहस्यमय संदेश मे अंग्रेजी अक्षरो और अंको की एक श्रंखला थी जो कि अनियमित सी थी और किसी बुद्धिमान सभ्यता द्वारा भेजे गये संदेश के जैसे थी। डा एहमन इस संदेश के परग्रही सभ्यता के संदेश के अनुमानित गुणो से समानता देख कर हैरान रह गये और उन्होने कम्प्युटर के प्रिंट आउट पर “Wow!” लिख दिया जो इस संदेश का नाम बन गया।

परग्रही जीवन श्रंखला भाग 03 : परग्रही सभ्यता से संपर्क


यदि पृथ्वी के बाहर जीवन है, तो उसकी खोज कैसे हो ? उसके साथ संपर्क कैसे हो ? एक उपाय अंतरिक्षयान के द्वारा विभिन्न ग्रहो की यात्रा का है । लेकिन वर्तमान मे हमारे अंतरिक्ष यान इतने सक्षम नही है कि अपने सौर मंडल से बाहर जा कर जीवन की खोज कर सके। दूसरा उपाय संचार…

परग्रही जीवन श्रंखला भाग 01 : क्या बाह्य अंतरिक्ष मे जीवन है ?


क्या बाह्य अंतरिक्ष मे जीवन है ? आज से पांच सौ वर्ष ईसवी सन 1600 मे पहले एक विचारक, गणितज्ञ और खगोलशास्त्री ने यह प्रश्न पूछा था। इस प्रश्न का उत्तर तो उस विचारक को नही मीला, उसे रोम की सड़को पर जिन्दा जला दिया गया था। इतना ही नही उसे जिन्दा जलाने से पहले…