भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई


भारत आज अंतरिक्ष अभियान में अग्रणी राष्ट्रो मे शामिल  है । 22 जुलाई को भारत ने चंद्रयान-2 लॉच कर अंतरिक्ष में एक नई छलांग लगाई है। क्या आपको पता है, भारत को अंतरिक्ष के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले और आज की बुलंदियों की बुनियाद रखने वाले डॉ विक्रम साराभाई कौन हैं? डॉ विक्रम…

अंतरखगोलीय यात्राओं के लिये विशाल यान

पृथ्वी के बाहर किसी अन्य ग्रह पर बसने की बेताबी


“हमारी पृथ्वी ही वह ज्ञात विश्व है जहाँ जीवन है। आनेवाले समय में भी कहीं ऐसा कुछ नहीं दिखता जहाँ हम प्रस्थान कर सकें। जा भी सकें तो बस न सकेंगे। मानें या न मानें, इस क्षण तो पृथ्वी ही वह स्थान है जहाँ हम अटल रह सकते हैं।” प्रसिद्ध खगोल वैज्ञानिक कार्ल सागन का…

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)


भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) भारत का राष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थान है जिसका मुख्यालय कर्नाटक प्रान्त की राजधानी बेंगालुरू में है। संस्थान में लगभग सत्रह हजार कर्मचारी एवं वैज्ञानिक कार्यरत हैं। संस्थान का मुख्य कार्य भारत के लिये अंतरिक्ष संबधी तकनीक उपलब्ध करवाना है। अन्तरिक्ष कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों मेंउपग्रहों, प्रमोचक यानों, परिज्ञापी राकेटों और भू-प्रणालियों…

सतीश धवन

प्रो सतीश धवन : इसरो की नींव बनाने वालो मे एक प्रमुख नाम


सतीश धवन (जन्म- 25 सितंबर, 1920; मृत्यु- 3 जनवरी, 2002) भारत के प्रसिद्ध रॉकेट वैज्ञानिक थे। देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊँचाईयों पर पहुँचाने में उनका बहुत ही महत्त्वपूर्ण योगदान था। एक महान वैज्ञानिक होने के साथ-साथ प्रोफ़ेसर सतीश धवन एक बेहतरीन इनसान और कुशल शिक्षक भी थे। उन्हें भारतीय प्रतिभाओं पर बहुत भरोसा…

मंगलयान : मंगल की कक्षा मे स्थापित


अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत की अंतरिक्ष संस्था भारतीय अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने नायाब उपलब्धि हासिल की है। पहली ही कोशिश में भारतीय अनुसंधान संस्थान (इसरो) का मंगलयान (मार्स ऑर्बिटर मिशन) 24 सितंबर सुबह लगभग 8 बजे मंगल की कक्षा में प्रवेश कर गया। पहले प्रयास में मंगल पर पहुंचने वाला भारत विश्व का…

मंगलयान की यात्रा

मंगलयान : भारत की बड़ी छलांग!


मंगलयान (मार्स ऑर्बिटर मिशन) भारत  की एक महत्वाकांक्षी अन्तरिक्ष परियोजना है। 2008 में चंद्र अभियान की सफलता से ख़ासे उत्साहित भारतीय वैज्ञानिक अब गहरे अंतरिक्ष में अपनी पैठ बनाना चाहते हैं। भारत का मानवरहित चंद्रयान दुनिया के सामने चाँद पर पानी की मौजूदगी के पुख़्ता सबूत लेकर आया था। इसरो की सबसे बड़ी परियोजना चंद्रयान थी। इसरो के…

पीएसएलवी सी 17: तीन महिला वैज्ञानिको के हाथ जीसैट 12 की कमान


दिनांक 15 जुलाई 2011 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने पीएसएलवी सी-17(Polar Satelite Launch Vehical-PSLV C17) के ज़रिए संचार उपग्रह जीसैट-12(GSAT-12) को अंतरिक्ष में स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है। इसरो के श्रीहरिकोटा रेंज से उपग्रह को प्रक्षेपित किया गया और पूरी प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हुई। जीसैट-12 में 12 सी-ट्रांसपांडर्स हैं…