पदार्थ की चतुर्थ अवस्था : प्लाज्मा


आप पदार्थे की तीन अवस्थाओं को जानते ही होंगे, ये है ठोस, द्रव तथा गैस। लेकिन इनके अतिरिक्त पदार्थ एक और अवस्था मे पाया जाता है जिसे प्लाज्मा कहते है। प्लाज्मा (Plasma): भौतिक और रसायनशास्त्र में प्लाज्मा आंशिक रूप से आयनीकृत एक गैस है जिसमे इलेक्ट्रान का एक निश्चित अनुपात, किसी परमाणु या अणु के…

ऋतु परिवर्तन कैसे होता है ?


ऋतु एक वर्ष से छोटा कालखंड है जिसमें मौसम की दशाएँ एक खास प्रकार की होती हैं। यह कालखण्ड एक वर्ष को कई भागों में विभाजित करता है जिनके दौरान पृथ्वी के सूर्य की परिक्रमा के परिणामस्वरूप दिन की अवधि, तापमान, वर्षा, आर्द्रता इत्यादि मौसमी दशाएँ एक चक्रीय रूप में बदलती हैं। मौसम की दशाओं…

पिक्सेल (Pixel) क्या होते है?


आजकल हम आधुनिक परिवेश में रहते है और अति आधुनिक उपकरणों का उपयोग करते है कुछ उपकरण आजकल हमारे जीवन का अभिन्नय अंग बन गए है खासकर मोबाइल फ़ोन ,कंप्यूटर,LED Tv, प्लाज्मा Tv इत्यादि।बहुत सारे उपकरण बाजार में उपलब्ध है पर स्मार्टफोन की बात ही कुछ अलग है और हो भी क्यों नही आज स्मार्टफोन…

ध्रुविय ज्योति


यह कोई साधारण चित्र नही है यह पृथ्वी पर होने वाली एक अद्भुत खगोलीय घटना है जो की हमारी पृथ्वी के ध्रुवीय क्षेत्रो में घटित होती है। पृथ्वी के धुवीय क्षेत्रो जैसे अलास्का तथा उत्तरी कनाडा के आकाश मे रंगो का अत्यंत वैभवशाली दृश्य दिखाई देता है नृत्य करते हरे गुलाबी रंग एक अदभुत दृश्य…

मध्यरात्रि सूर्य(Midnight Sun)


उत्तरी गोलार्द्ध(Northern Hemisphere)में मध्य मई से जुलाई के अंत तक तथा दक्षिणी गोलार्द्ध(Southern Hemisphere)में मध्य नवंबर से जनवरी के अंत तक की अवधियों में 63°समानांतर से उच्च अक्षांशों(High Latitude)में पाई जाने वाली वह अवस्था, जिसमें सूर्य 24 घंटे नहीं छिपता और मध्य रात्रि में भी देखा जा सकता है। हमारी पृथ्वी पर ऐसे भी कुछ…

LHC(लार्ज हेड्रान कोलाईडर) कैसे कार्य करता है?


25 मार्च 2016 को एक बार फ़िर से लार्ज हेड्रान कोलाईडर को इस वर्ष के भौतिकी के प्रयोगो के लिये आरंभ किया गया, इस वर्ष इसके प्रयोगो से 2015 की तुलना मे छह गुणा अधिक आंकड़ो के प्राप्त होने की आशा है। LHC सबसे विशाल और शक्तिशाली कण त्वरक(Particle Accelerator) है। यह 27 किमी लंबी…

सौर पाल : भविष्य के अंतरिक्षयानो को सितारों तक पहुंचाने वाले प्रणोदक


सौर पाल(Solar Sail) अंतरिक्ष यानो की प्रणोदन प्रणाली है जोकि तारो द्वारा उत्पन्न विकिरण दबाव के प्रयोग से अंतरिक्षयानो को अंतरिक्ष मे गति देती है। राकेट प्रणोदन प्रणाली मे सीमित मात्रा मे इंधन होता है लेकिन सौर पाल वाले अंतरिक्षयानो के पास वास्तविकता मे सूर्य प्रकाश के रूप मे अनंत इंधन होगा। इस तरह का…