विज्ञान से बढ़कर नहीं है कोई भी वैज्ञानिक


हाल ही में फ्रांस के वायरोलॉजिस्ट और साल 2008 में एचआईवी-विषाणु की खोज के लिए चिकित्सा विज्ञान के नोबेल पुरस्कार विजेता ल्यूक मॉन्टेनियर ने दावा किया है कि सार्स-सीओवी 2 वायरस मानव निर्मित है। उन्होंने बताया कि ये वायरस चीन के लैब में एचआईवी  वायरस के खिलाफ एक वैक्सीन के निर्माण के प्रयास के परिणामस्वरूप…

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस – 2020 :विज्ञान में महिलाएं


वैज्ञानिक अनुप्रयोग के महत्व के संदेश को व्यापक तौर पर प्रसारित करने के लिए हर वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। इस आयोजन के द्वारा मानव कल्याण के लिए विज्ञान के क्षेत्र में घटित होने वाली प्रमुख गतिविधियों, प्रयासों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाता है।विज्ञान से होने वाले लाभों के…

भौतिकी नोबेल पुरस्कार 2019: जेम्स पीबल्स, मिशेल मेयर और डिडिएर क्वेलोज


इस बार का भौतिकी का नोबेल प्राइज तीन वैज्ञानिकों जेम्स पीबल्स, मिशेल मेयर और डिडिएर क्वेलोज को प्रदान किया गया। वर्ष 2019 के लिए भौतिकी नोबेल पुरस्कार कनाडाई-अमेरिकी खगोलशास्त्री जेम्स पीबल्स(James Peebles) और स्विस खगोलविद मिशेल मेयर(Michel Mayor) और डिडिएर क्वेलोज़(Didier Queloz) को संयुक्त रूप से देने की घोषणा की गयी है। नोबेल पुरस्कार के…

2019 चिकित्सा नोबेल पुरस्कार


इन तीन वैज्ञानिकों को चिकित्सा का नोबेल, कोशिकाओं पर शोध के लिए सम्मान 2019 के लिए नोबल पुरस्कारों का ऐलान शुरू हो चुका है। मेडिसिन के लिए संयुक्त रूप से विलियम जी कायलिन जूनियर, सर पीटर जे रैटक्लिफ और ग्रेग एल सेमेंजा के नाम की घोषणा की गई है। डॉक्टरों की इस टीम नें किस…

भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई


भारत आज अंतरिक्ष अभियान में अग्रणी राष्ट्रो मे शामिल  है । 22 जुलाई को भारत ने चंद्रयान-2 लॉच कर अंतरिक्ष में एक नई छलांग लगाई है। क्या आपको पता है, भारत को अंतरिक्ष के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले और आज की बुलंदियों की बुनियाद रखने वाले डॉ विक्रम साराभाई कौन हैं? डॉ विक्रम…

सर आर्थर स्टेनली एडिंगटन(Sir Arthur Stanley Eddington).


अल्बर्ट आइंस्टीन ! यह नाम आज किसी परिचय का मोहताज नही है। आइंस्टीन द्वारा प्रतिपादित सापेक्षवाद सिद्धान्त आज आधुनिक भौतिकी का आधार स्तंभ माना जाता है। आज यह सिद्धान्त हमलोग भलीभांति समझते है और दूसरों को भी समझा सकते है लेकिन क्या यह सिद्धान्त को समझना शुरुआती दिनों में भी इतना ही सरल था ?…