प्रकाश इकाई मे मापन

खगोलीय दूरी मापन : खगोलीय इकाई(AU), प्रकाशवर्ष(Ly) और पारसेक(Parsec)


लेखक : ऋषभ ’मूलभूत खगोलभौतिकी (Basics of Astrophysics)’ लेख शृंखला मे यह चतुर्थ लेख है, और अब हम ब्रह्मांड को विस्तार से जानने के लिये तैयार है। विज्ञान की हर शाखा मे मापन की अपनी इकाईयाँ होती है। दूरी मापन की इकाईयाँ, विज्ञान की हर शाखा मे आवश्यकतानुसार प्रयोग की जाती है। उदाहरण के लिये एक…

अपवर्तक (Refractor) दूरबीन

दूरबीनो की कार्यप्रणाली का परिचय


लेखिका:  सिमरनप्रीत (Simranpreet Buttar) आज हम जानते है कि हमारे आसपास का विश्व कैसा दिखता है, हम जानते हैं कि हमारा ब्रह्मांड कितना सुंदर है, हमने तेजस्वी देदीप्यमान सुपरनोवा देखे है और हमारे पास ब्लैकहोल का सबसे पहला चित्र है। सब कुछ हमारी दूरबीनों की बदौलत! हम निर्विवादित रूप से कह सकते है कि खगोलशास्त्र…

विद्युत चुंबकीय (EM SPECTRUM) क्या है और वह खगोलभौतिकी (ASTROPHYSICS) मे महत्वपूर्ण उपकरण क्यों है ?


लेखिका याशिका घई(Yashika Ghai) कितना अद्भुत है कि हम खूबसूरत तारों , ग्रहों, चंद्रमा और सूर्य से लाखों करोड़ो किलोमीटर दूर रहते हुये भी उनके विषय मे बहुत कुछ जानते और समझते है। यह लेख ’मूलभूत खगोलभौतिकी (Basics of Astrophysics)’ शृंखला का द्वितीय लेख है। इस लेख मे हम खगोलभौतिकी के अध्ययन के सबसे महत्वपूर्ण उपकरण…

खगोल भौतिकी (ASTROPHYSICS) क्या है और वह खगोलशास्त्र (ASTRONOMY) तथा ब्रह्माण्डविज्ञान (COSMOLOGY) से कैसे भिन्न है?


लेखक : ऋषभ यह लेख ’मूलभूत खगोलभौतिकी (Basics of Astrophysics)’ शृंखला के 30 लेखो मे से पहला है, इस शृंखला मे खगोलभौतिकी संबधित विविध विषय जैसे विद्युत चुंबकीय वर्णक्रम से लेकर आकाशगंगा, सूर्य से लेकर न्युट्रान तारे तथा ब्लैकहोल और क्वासार से लेकर नेबुला और कास्मिक बैकग्राउंड विकिरण(CMB) का समावेश होगा। इन सब ब्रह्मांडीय संरचनाओं की…

ब्लैक होल की प्रथम तस्वीर - अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने 10 अप्रैल २०१९ को ब्लैकहोल की पहली तस्वीर जारी की। आकाशगंगा एम87 में 53.5 मिलियन प्रकाश-वर्ष दूर मौजूद इस विशालकाय ब्लैक होल की तस्वीर जारी की गई है। वैज्ञानिकों ने ब्रसल्ज, शंघाई, तोक्यो, वॉशिंगटन, सैंटियागो और ताइपे में एकसाथ प्रेस वार्ता की और जिस दौरान इस तस्वीर को जारी किया गया।

ऐतिहासिक उपलब्धि : ब्लैक होल (श्याम विवर) का प्रथम चित्र


1979 मे खगोल भौतिक वैज्ञानिक जीन-पियरे ल्यूमिनेट(Jean-Pierre Luminet) के पास सुपरकंप्युटर नही था लेकिन उन्होने विश्व को दिखाया था कि कोई ब्लैक होल किस तरह दिखाई देगा। उनके पास IBM का कंप्युटर IBM 7040 और कुछ पंच्ड कार्ड्स( punch cards) थे जिनसे वे कंप्यूटर को निर्देश और आंकड़े देते थे। वे सैद्धांतिक रूप से जानते…

सर आर्थर स्टेनली एडिंगटन(Sir Arthur Stanley Eddington).


अल्बर्ट आइंस्टीन ! यह नाम आज किसी परिचय का मोहताज नही है। आइंस्टीन द्वारा प्रतिपादित सापेक्षवाद सिद्धान्त आज आधुनिक भौतिकी का आधार स्तंभ माना जाता है। आज यह सिद्धान्त हमलोग भलीभांति समझते है और दूसरों को भी समझा सकते है लेकिन क्या यह सिद्धान्त को समझना शुरुआती दिनों में भी इतना ही सरल था ?…

पेरीस मे रखा किलोग्राम का बांट

1875 के पश्चात SI ईकाईयों मे सबसे बड़ा क्रांतिकारी परिवर्तन


लेखक : अनमोल मापन ईकाईयो मे 1875 के पश्चात सबसे बड़े क्रांतिकारी परिवर्तन के लिये अंतराष्ट्रीय स्तर पर मतदान हुआ और इस बदलाव के फ़लस्वरूप चार मूलभूत ईकाईयों की परिभाषाये पुननिर्धारित की गई, ये ईकाईयाँ है – एम्पीयर, किलोग्राम, केल्विन और मोल। अंतराष्ट्रीय ईकाईयो की प्रणाली जिसे संक्षेप मे SI भी कहा जाता है, मे…