मेघनाद साहा : भारतीय खगोलविज्ञानी


मेघनाद साहा सुप्रसिद्ध भारतीय खगोलविज्ञानी (एस्ट्रोफिजिसिस्ट्) थे। वे साहा समीकरण के प्रतिपादन के लिये प्रसिद्ध हैं। यह समीकरण तारों में भौतिक एवं रासायनिक स्थिति की व्याख्या करता है। उनकी अध्यक्षता में गठित विद्वानों की एक समिति ने भारत के राष्ट्रीय शक पंचांग का भी संशोधन किया, जो 22 मार्च 1957 (1 चैत्र 1879 शक) से लागू…

RLV TD : भारत का अपना अंतरिक्ष शटल, इसरो की सफ़लता


भारत ने अंतरिक्ष की दुनिया में एक कदम और बढ़ाते हुए सोमवार 23 मई 2016 को इतिहास रच दिया। दरअसल, (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) ने दोबारा इस्तेमाल लायक स्वदेशी स्पेसशटल को सोमवार को लांच कर दिया। इसे करीब सुबह सात बजकर पांच मिनट पर एक खास प्रक्षेपण यान (आरएलवी) को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष…

भारत की अग्निपुत्री – डॉ. टेस्सी थॉमस(Missile woman of India – Dr. Tessy Thomas )


लेखक : ओमप्रकाश { नवरात्र समाप्त हो गए है, लेकिन जीती-जागती दुर्गा के दर्शन डॉ. टेस्सी थॉमस के बिना अधूरे है। मुझे इनसे तीन-चार बार साक्षात मिलने का सौभाग्य हुआ प्राप्त हुआ है। हर बार इनकी प्रतिभा का एक अलग रूप देख कर प्रभावित हुए बिना नहीं रह सका। आखिर क्या है इनके आभामंडल का…

चंद्रशेखर वेंकट रामण

सर चंद्रशेखर वेंकटरमन : आधुनिक युग के महानतम भारतीय वैज्ञानिक


लेखक : प्रदीप सन् 1921 की बात है। एक भारतीय वैज्ञानिक को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, इंग्लैंड से विश्वविद्यालयीन कांग्रेस में भाग लेने के लिए निमंत्रण प्राप्त हुआ। इसी सिलसिले में वह इंग्लैंड गया। जब वह वापस पानी के जहाज से भारत लौट रहा था, तब रास्ते-भर वह भूमध्यसागर के जल के रंग को ध्यानपूर्वक देखता रहा…

सत्येंद्रनाथ बोस,Satyendra-Nath-Bose

बोसॉन के जनक : सत्येन्द्र नाथ बोस


सत्येंद्र नाथ बोस प्रसिद्ध गणितज्ञ और भौतिक शास्त्री थे। भौतिक शास्त्र में दो प्रकार के अणु माने जाते हैं- बोसॉन और फर्मियान। इनमें से बोसॉन सत्येन्द्र नाथ बोस के नाम पर ही है। सत्येंद्र नाथ बोस का जन्म 1 जनवरी 1894 को कोलकाता में हुआ था। मृत्यु 4 फ़रवरी 1974 को हुयी थी। उपलब्धियां सत्येन्द्र नाथ…

आदित्य-1

आदित्य-1: इसरो की सूर्य पर पहुंचने की तैयारी


सूर्य प्रभांमडल(कॅरोना) का अध्ययन एवं धरती पर इलेक्ट्रॉनिक संचार में व्यवधान पैदा करने वाली सौर-लपटों की जानकारी हासिल करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) आदित्य-1 उपग्रह छोड़ेगा। इसका प्रक्षेपण वर्ष 2012-13 में होना था मगर अब इसरो ने इसका नया प्रक्षेपण कार्यक्रम तैयार किया है। इसरो अध्यक्ष एएस किरण कुमार ने कहा है…

जगदीश चंद्र बोस : आधुनिक भारत के प्रथम वैज्ञानिक


वे (बोस) वास्तव में आधुनिक भारत का प्रथम भौतिक विज्ञानी थे, देश का सब से पहला वैज्ञानिक। गेलिलियो – न्यूटन परम्परा के वे अपनी मातृभूमि के पहले सक्रिय सहभागी थे। उन्होने विश्वास न करने वाले ब्रिटिश वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया। उन्होने दिखा दिया था कि पश्चिमी विज्ञान द्वारा अपेक्षित सही विचार और विचार उत्पन्न…