सर आर्थर स्टेनली एडिंगटन(Sir Arthur Stanley Eddington).


अल्बर्ट आइंस्टीन ! यह नाम आज किसी परिचय का मोहताज नही है। आइंस्टीन द्वारा प्रतिपादित सापेक्षवाद सिद्धान्त आज आधुनिक भौतिकी का आधार स्तंभ माना जाता है। आज यह सिद्धान्त हमलोग भलीभांति समझते है और दूसरों को भी समझा सकते है लेकिन क्या यह सिद्धान्त को समझना शुरुआती दिनों में भी इतना ही सरल था ?…

जल

परग्रही जीवन भाग 5 : जीवन अमृत – जल एक महान विलायक


अब तक हमारी चर्चा का केंद्र जीवित प्राणीयों की जैवरासायनिक संरचनाओं पर रहा है। यह सब बहुत महत्वपूर्ण था लेकिन हम इस तथ्य को नजर अंदाज नही कर सकते कि ये जैव अणु निर्वात मे कार्य नही करते है। पृथ्वी पर सभी जैव जैव कोशीकाओं के अंदर सभी जैव रासायनिक प्रक्रियायें द्रव जल की उपस्थिति…

खगोल सॉफ्टवेयर : ब्रह्मांड का आभासी अन्वेषण


खगोल शास्त् अथवा खगोलविज्ञान(Astronomy) विज्ञान की वह शाखा है जिसमें आकाशीय पिण्डों, उनकी गतियों और अंतरिक्ष में मौजूद विविध प्रकार की चीजों की खोज और उनका अध्ययन किया जाता है। खगोलविज्ञान दुनिया का सबसे लुभावना और सबसे पुराना विज्ञान है, वास्तव में यह ब्रह्मांड का वह विज्ञान है, जिसमें सूर्य, ग्रहों, सितारों, उल्काओं, पिण्डों, नक्षत्रों, आकाश…

अंतरखगोलीय यात्राओं के लिये विशाल यान

पृथ्वी के बाहर किसी अन्य ग्रह पर बसने की बेताबी


“हमारी पृथ्वी ही वह ज्ञात विश्व है जहाँ जीवन है। आनेवाले समय में भी कहीं ऐसा कुछ नहीं दिखता जहाँ हम प्रस्थान कर सकें। जा भी सकें तो बस न सकेंगे। मानें या न मानें, इस क्षण तो पृथ्वी ही वह स्थान है जहाँ हम अटल रह सकते हैं।” प्रसिद्ध खगोल वैज्ञानिक कार्ल सागन का…

वह आदमी जो ब्रह्मांड को जानता था  


“मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि मैंने ब्रह्माण्ड को समझने में अपनी भूमिका निभाई। इसके रहस्य लोगों के सामने खोले और इस पर किये गये शोध में अपना योगदान दे पाया। मुझे गर्व होता है जब लोगों की भीड़ मेरे काम को जानना चाहती है।’’ – स्टीफन हॉकिंग विश्व के सबसे प्रसिद्ध…

अंतरिक्ष – क्या है अंतरिक्ष ? : भाग 1


हम सब लोग इस पृथ्वी पर रहते है और अपनी दुनियाँ के बारे में हमेशा सोचते भी रहते है जैसे- सामानों, कारों, बसों, ट्रेनों और लोगो के बारे में भी। लगभग सारे संसार मे हमारी रोजमर्रा की जिंदगी के सभी चीज हमारे आसपास ही मौजूद है किसी बड़े महानगर जैसे- न्यूयॉर्क, मुम्बई, दिल्ली इन भीड़-भाड़…

प्रस्तावित ब्रह्माण्ड का सबसे पहला निर्मित तारा, विशाल आकार के साथ नीले रंग में दिखाया गया है। यह तारा पूरी तरह से गैसीय तंतुओं से निर्मित हुआ है इसके पृष्टभूमि पर खगोलीय माइक्रोवेव(cosmic microwave background: CMB) को देखा जा सकता है। यह छवि रेडियो अवलोकनों पर आधारित है क्योंकि हम शुरुआती तारों को सीधे तौर पर नही देख सकते। शोधकर्ताओं के अनुसार खगोलीय माइक्रोवेव पृष्टभूमि की मंदता से तारे की उपस्थिति का अनुमान लगाने में मदद मिलती है क्योंकि खगोलीय माइक्रोवेव सितारों से निकले परावैगनी प्रकाश को अवशोषित कर लेते है। छवि में जहां पर खगोलीय माइक्रोवेव पृष्टभूमि कम है यह दर्शाता है वहां गैसीय तंतु अपेक्षा से कही अधिक ठंडे हो सकते है संभव है वे डार्क मैटर के साथ परस्पर प्रतिक्रिया कर रहे हो। Credit: N.R.Fuller, National Science Foundation.

ब्रह्माण्ड के शुरुआती सितारों के जन्म का रहस्य


महा विस्फोट का सिद्धांत ब्रह्मांड की उत्पत्ति के संदर्भ में सबसे ज्यादा मान्य है। यह सिद्धांत व्याख्या करता है कि कैसे आज से लगभग 13.8 अरब वर्ष पूर्व एक अत्यंत गर्म और घनी अवस्था से ब्रह्मांड का जन्म हुआ। इसके अनुसार ब्रह्मांड की उत्पत्ति एक बिन्दु से हुयी थी। ब्रह्माण्ड का जन्म अर्थात बिग बैंग…