श्याम वीवर द्वारा गैस के निगलने से एक्रेरीशन डीस्क का निर्माण तथा एक्स रे का उत्सर्जन

ब्लैक होल की रहस्यमय दुनिया


कृष्ण विवर(श्याम विवर) अर्थात ब्लैक होल (Black hole) अत्यधिक घनत्व तथा द्रव्यमान वाले ऐसें पिंड होते हैं, जो आकार में बहुत छोटे होते हैं। इसके अंदर गुरुत्वाकर्षण इतना प्रबल होता है कि उसके चंगुल से प्रकाश की किरणों निकलना भी असंभव होता हैं। चूंकि यह प्रकाश की किरणों को अवशोषित कर लेता है, इसीलिए यह…

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ब्रह्मांड का व्यास उसकी आयु से अधिक कैसे है ?


ब्रह्मांड के मूलभूत और महत्वपूर्ण गुणधर्मो मे से एक प्रकाश गति है। इसे कई रूप से प्रयोग मे लाया जाता है जिसमे दूरी का मापन, ग्रहों के मध्य संचार तथा विभिन्न गणिति गणनाओं का समावेश है। और यह तो बस एक नन्हा सा भाग ही है। निर्वात मे प्रकाश की गति 299,792 किमी/सेकंड है, यह…

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प्रतिपदार्थ(Antimatter) से ऊर्जा


प्रतिपदार्थ(Antimatter) से ऊर्जा के निर्माण का सिद्धांत अत्यंत सरल है। पदार्थ(matter) : साधारण पदार्थ जो हर जगह है। नाभिक मे धनात्मक प्रोटान और उदासीन न्युट्रान, कक्षा मे ऋणात्मक इलेक्ट्रान से निर्मित। प्रतिपदार्थ(Antimatter) : इसके गुणधर्म पदार्थ के जैसे ही है लेकिन इसका निर्माण करने वाले कणो का आवेश पदार्थ का निर्माण करने वाले कणो से…

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मेघनाद साहा : भारतीय खगोलविज्ञानी


मेघनाद साहा सुप्रसिद्ध भारतीय खगोलविज्ञानी (एस्ट्रोफिजिसिस्ट्) थे। वे साहा समीकरण के प्रतिपादन के लिये प्रसिद्ध हैं। यह समीकरण तारों में भौतिक एवं रासायनिक स्थिति की व्याख्या करता है। उनकी अध्यक्षता में गठित विद्वानों की एक समिति ने भारत के राष्ट्रीय शक पंचांग का भी संशोधन किया, जो 22 मार्च 1957 (1 चैत्र 1879 शक) से लागू…

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सौर मंडल के बाहर की सैर


न्यु हारिजोंस(New Horizones) अंतरिक्षयान के प्लूटो अभियान की सफलता के साथ ही मानव ने सौर मंडल के मुख्य पिंडो की प्राथमिक यात्रा पूरी कर ली है। अब ब्रेकथ्रु स्टारशाट(Breakthrough Starshot) अभियान तथा एचबार टेक्नालाजीस(Hbar Technologies) जैसी कंपनीयों के द्वारा सौर मंडल के बाहर जाने वाले अंतरिक्षयानो के निर्माण का प्रारंभ हो गया है। ये यान…

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तीन सूरज वाला ग्रह : 131399Ab ग्रह


वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से 340 प्रकाशवर्ष दूर और बृहस्पति ग्रह के द्रव्यमान से चार गुना वजनी एक नए ग्रह की खोज की है जो तीन तारों की परिक्रमा लगाता है और मौसमों के अनुरूप हर दिन तीन बार सूर्योदय और सूर्यास्त का दीदार करता है। तारामंडल सेंटोरस में स्थित और पृथ्वी से करीब 340 प्रकाशवर्ष…

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सौर ऊर्जा चालित अन्वेषक यान : जुनो


सूर्य पृथ्वी की कक्षा, मंगल और उससे बाहर जाने वाले अंतरिक्ष यानो को ऊर्जा देता है। नासा के बृहस्पति ग्रह पर जाने वाला जुनो अभियान सौर ऊर्जा चालित अधिकतम दूरी वाला अंतरिक्षयान है। इस अभियान की सफ़लता से भविष्य मे सौर ऊर्जा चालित अंतरिक्ष अन्वेषण को नयी दिशा मिलेगी। वे कहाँ तक गये है ?…