हमने अंको के बारे मे कैसे जाना ? : आइजैक आसीमोव


अंक उन चिह्नों को कहते हैं जिनसे गिनतियाँ सूचित की जाती हैं, जैसे 1, 2, 3. . .4। स्वयं गिनतियों को संख्या कहते हैं। यह निर्विवाद है कि आदिम सभ्यता में पहले वाणी का विकास हुआ और उसके बहुत काल पश्चात्‌ लेखन कला का प्रादुर्भाव हुआ। इसी प्रकार गिनना सीखने के बहुत समय बाद ही…

आर्यभट : प्राचीन भारत की महान खगोलीय प्रतिभा


लेखक : प्रदीप आर्यभट प्राचीन भारत के सर्वाधिक प्रतिभासंपन्न गणितज्ञ-ज्योतिषी थे। वर्तमान में पश्चिमी विद्वान भी यह स्वीकार करते हैं कि आर्यभट प्राचीन विश्व के एक महान वैज्ञानिक थे। यद्यपि हम आर्यभट का महत्व इसलिए देते हैं क्योंकि सम्भवतः वे ईसा की पांचवी-छठी सदी के नवीनतम खगोलिकी आन्दोलन के पुरोधा थे। और आर्यभट की ही…

विश्व को बदल देने वाले 10 क्रांतिकारी समीकरण


विश्व के सर्वाधिक प्रतिभावान मस्तिष्को ने गणित के प्रयोग से ब्रह्माण्ड के अध्ययन की नींव डाली है। इतिहास मे बारंबार यह प्रमाणित किया गया है कि मानव जाति के प्रगति पर्थ को परिवर्तित करने मे एक समीकरण पर्याप्त होता है। प्रस्तुत है ऐसे दस समीकरण। 1.न्युटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम न्युटन का नियम बताता…

प्रकाशगति का मापन


प्रकाशगति का मापन कैसे किया गया ? यह प्रश्न कई बार पुछा जाता है और यह एक अच्छा प्रश्न भी है। 17 वी सदी के प्रारंभ मे और उसके पहले भी अनेक वैज्ञानिक मानते थे कि प्रकाश की गति जैसा कुछ नही होता है, उनके अनुसार प्रकाश तुरंत ही कोई कोई भी दूरी तय कर…

महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन


श्रीनिवास रामानुजन् इयंगर (तमिल ஸ்ரீனிவாஸ ராமானுஜன் ஐயங்கார்) (22 दिसम्बर, 1887 – 26 अप्रैल, 1920) एक महान भारतीयगणितज्ञ थे। इन्हें आधुनिक काल के महानतम गणित विचारकों में गिना जाता है। इन्हें गणित में कोई विशेष प्रशिक्षण नहीं मिला, फिर भी इन्होंने विश्लेषण एवं संख्या सिद्धांत के क्षेत्रों में गहन योगदान दिए। इन्होंने अपने प्रतिभा और लगन…

कुर्ट फ्रेडरिक गाडेल (Kurt Friedrich Gödel; जन्म 28 अप्रैल 1906 - 14 जनवरी 1978) मूल रूप से ऑस्ट्रियाई और बाद में अमेरिकी तर्कशास्त्री, गणितज्ञ और दार्शनिक थे।

गाडेल का अपूर्णता प्रमेय(Gödel’s incompleteness theorem)


उन्नीसवीं शताब्दी तथा बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध मे गणितज्ञो का लक्ष्य था कि अंकगणित को कुछ स्वयंसिद्ध नियमों मे बांध दिया जाये। यह युक्लिड के ज्यामितिक नियमो के जैसा ही प्रयास था जिसमे कुछ निर्विवाद स्वयं सिद्ध नियमों के आधार पर हर प्रमेय को सिद्ध किया जा सकता था। यह एक उत्कृष्ट लक्ष्य था। एक…

ब्रह्माण्ड की 13 महत्वपूर्ण संख्यायें


इलेक्ट्रानिक्स फ़ार यु के अक्टूबर 2014 अंक मे प्रकाशित लेख कुछ संख्याये जैसे आपका फोन नंबर या आपका आधार नंबर अन्य संख्याओं से ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। लेकिन इस लेख मे हम जिन संख्याओं पर चर्चा करेंगे वे ब्रह्मांड के पैमाने पर महत्वपूर्ण है, ये वह संख्याये है जो हमारे ब्रह्मांड को पारिभाषित करती है,…