भविष्य के ऊर्जा स्रोत


हम सभी जानते है कि वर्तमान मे ऊर्जा के प्राथमिक स्रोत का सीमित भंडार है। वर्तमान ऊर्जा स्रोत जीवाश्म आधारित है। कभी ना कभी निकट भविष्य मे पृथ्वी के तेल भंडार समाप्त हो जायेंगे और उस समय हम ऊर्जा के वैकल्पिक संसाधनो पर पुर्णत निर्भर हो जायेंगे। बहुत से देशो ने पारंपरिक सौर ऊर्जा, पवन…

एलन ट्युरींग

एलन ट्यूरिंग : मानव, मशीन और सैन्य क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ दिमाग


एक वैज्ञानिक जिसे समलैंगिक होने की वजह से सायनाइड की गोली खाकर जान देनी पड़ी, जिसने कंम्यूटर की आधारशिला रखी और द्वितीय विश्वयुद्ध दो साल पहले खत्म करवाने में मदद की| इस गुमनाम  गणितज्ञ का नाम एलन ट्यूरिंग था। एक ऐसा वैज्ञानिक जिसे आज अमेरिका के टेक्सस से लेकर भारत के बैंगलोर तक वैज्ञानिक उन्हें…

LHC(लार्ज हेड्रान कोलाईडर) कैसे कार्य करता है?


25 मार्च 2016 को एक बार फ़िर से लार्ज हेड्रान कोलाईडर को इस वर्ष के भौतिकी के प्रयोगो के लिये आरंभ किया गया, इस वर्ष इसके प्रयोगो से 2015 की तुलना मे छह गुणा अधिक आंकड़ो के प्राप्त होने की आशा है। LHC सबसे विशाल और शक्तिशाली कण त्वरक(Particle Accelerator) है। यह 27 किमी लंबी…

पृथ्वी पर जीवन का उद्भव कैसे हुआ ?


पृथ्वी का जन्म आज से 4.5 अरब वर्ष पहले हुआ था। यह माना जाता है कि पृथ्वी की सतह पर जीवन का उद्भव पहले एक अरब वर्ष मे ही हो गया था। सबसे प्राचीन ज्ञात जीव सूक्ष्म तथा आकृतिहीन थे। इनके जीवाश्म सूक्ष्म राड के जैसे है जिन्हे जीवहीन प्रक्रियाओं से बने पदार्थ से अलग…

कार्दाशेव स्केल : सभ्यता के विकास का पैमाना


1964 मे कार्दाशेव ने किसी परग्रही सभ्यता के तकनीकी विकास की क्षमता को मापने के लिये एक पैमाने को प्रस्तावित किया। रशियन खगोल विज्ञानी निकोलाइ कार्दाशेव के अनुसार सभ्यता के विकास के विभिन्न चरणो को ऊर्जा की खपत के अनुसार श्रेणीबद्ध लिया जा सकता है। इन चरणो के आधार पर परग्रही सभ्यताओं का वर्गीकरण किया जा सकता…

क्या पृथ्वी का भविष्य शुक्र जैसे भयावह होगा ?


आकार में एक जैसे और अक्सर जुड़वां कहे जाने वाले ग्रह पृथ्वी और शुक्र ग्रह का मूल एक ही हैं, लेकिन बाद में दोनों का विकास एकदम अलग हुआ है। इसमे एक ग्रह एक शुष्क और उष्ण है तो दूसरा नम और जीवन से भरपूर। इसका उत्तर इन ग्रहों की सूरज से दूरी में छुपा…