अलविदा केप्लर : 9 साल तक ग्रहों की खोज के बाद नासा की केपलर अंतरिक्ष वेधशाला का अभियान समाप्त


अलविदा केप्लर : 9 साल तक ग्रहों की खोज के बाद नासा की केपलर अंतरिक्ष वेधशाला का अभियान समाप्त

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वह महान वैज्ञानिक जिसने भारत को बैलगाड़ी युग से निकालकर नाभिकीय युग मे पहुंचा दिया


भारत की स्वतंत्रता और उसके नए संविधान के लागू होने के साथ ही देश की प्रगति की नींव रखी गई। स्वतंत्रता के तुरंत बाद हमारे देश का नेतृत्व आधुनिक भारत के निर्माता पं. जवाहरलाल नेहरू को सौंपा गया। नेहरू जी का यह यह मानना था कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का एक ही रास्ता…

वायेजर 2 ने रचा इतिहास: सौर मंडल के बाहर द्वितिय मानव निर्मित यान


वायेजर 2 से प्राप्त संकेत बता रहे हैं कि नासा का यह अंतरिक्ष यान सौर मंडल की सीमा पर है। वह सौर मंडल के विशाल बुलबुले के अंतिम छोर पर पहुंच चुका है;जिसे हेलिओस्फीयर कहते है। वायेजर 2 जल्दी ही हमारे सौर मंडल से बाहर चला जायेगा वायेजर 2 और उसके जुड़वां यान वायेजर 1…

उत्तरायण और दक्षिणायण

उत्तरायण और दक्षिणायन समान क्यों नही


उत्तरायण : 21 मार्च से 23 सितम्बर – 186 दिनदक्षिणायन: 23 सितम्बर – 21 मार्च -179 दिन प्रश्न : दोनो अयन की अवधि समान क्यो नही ? उत्तर : उत्तर जानने से पहले हम कुछ आधारभूत जानकारी देखते है। सबसे पहले पृथ्वी की सूर्य परिक्रमा कक्षा वृत्ताकार नही है, यह दीर्घवृत्ताकार है। जो कि केप्लर…

जल

परग्रही जीवन भाग 5 : जीवन अमृत – जल एक महान विलायक


अब तक हमारी चर्चा का केंद्र जीवित प्राणीयों की जैवरासायनिक संरचनाओं पर रहा है। यह सब बहुत महत्वपूर्ण था लेकिन हम इस तथ्य को नजर अंदाज नही कर सकते कि ये जैव अणु निर्वात मे कार्य नही करते है। पृथ्वी पर सभी जैव जैव कोशीकाओं के अंदर सभी जैव रासायनिक प्रक्रियायें द्रव जल की उपस्थिति…

Wow! संदेश 15 अगस्त 1977 को सेटी मे कार्यरत डा जेरी एहमन ने ओहीयो विश्वविद्यालय के बीग इयर रेडीयो दूरबीन पर एक रहस्यमयी संदेश प्राप्त किया। इस संदेश ने परग्रही जीवन से संपर्क की आशा मे नवजीवन का संचार कर दिया था। यह संदेश 72 सेकंड तक प्राप्त हुआ लेकिन उसके बाद यह दूबारा प्राप्त नही हुआ। इस रहस्यमय संदेश मे अंग्रेजी अक्षरो और अंको की एक श्रंखला थी जो कि अनियमित सी थी और किसी बुद्धिमान सभ्यता द्वारा भेजे गये संदेश के जैसे थी। डा एहमन इस संदेश के परग्रही सभ्यता के संदेश के अनुमानित गुणो से समानता देख कर हैरान रह गये और उन्होने कम्प्युटर के प्रिंट आउट पर “Wow!” लिख दिया जो इस संदेश का नाम बन गया।

Wow! सिगनल


15 अगस्त 1977 को सेटी मे कार्यरत डॉ जेरी एहमन(Jerry Ehman) ने ओहीयो स्टेट विश्वविद्यालय(Ohio State University) के बीग इयर रेडीयो दूरबीन(Big Ear Radio Telescope) पर एक रहस्यमयी संदेश प्राप्त किया। इस संदेश ने परग्रही जीवन से संपर्क की आशा मे नवजीवन का संचार कर दिया था। यह संदेश 72 सेकंड तक प्राप्त हुआ लेकिन…

परग्रही जीवन भाग 4 :बोरान आधारित जीवन


सिलिकान के पश्चात बोरान अकेला तत्व है जोकि कार्बन को चुनौती दे सकता है। यह तत्व आवर्तसारणी मे कार्बन के बांए स्थित है, जबकि सिलिकान कार्बन के नीचे है। जैव रसायनशास्त्रीयों की बोरान मे दिलचस्पी का कारण इसके द्वारा प्रदर्शित बहुआयामी तथा अत्याधिक असामान्य रासायनिक व्यवहार है। यह सिलिकान के जैसे उच्च तापमान पर बहुत…