सूर्य और वी वाय कानीस मेजारीस

विशालकाय, महाकाय ब्रह्मांडीय पिंड


खगोलीय पिंडो का आकार और उनके मध्य की दूरी इतनी विशाल होती है कि वह मनुष्य की कल्पना से बाहर हो जाती है। इस लेख के चित्र पृथ्वी से शुरुवात कर बढ़ते क्रम मे पिंडो के आकार को दर्शा रहे है। सबसे पहले सौर मंडल के आंतरिक ग्रह। यह सभी ग्रह ठोस है। बुध सबसे…

केप्लर वेधशाला ने एक सौर मंडल खोज निकाला !


नासा की अंतरिक्ष वेधशाला केप्लर का प्रयोग करते हुये खगोलशास्त्रीयो ने एक छः ग्रहो वाला सौर मंडल खोज निकाला है। लेकिन यह सौर मंडल विचित्र है क्योंकि इसके छः मे से पांच ग्रह अपने मातृ तारे के काफी समीप की कक्षा मे है। यह कक्षा बुध ग्रह की  कक्षा से भी छोटी है। इनमे से…

केप्लर वेधशाला

सौर मंडल के बाहर पहले ’ठोस’ ग्रह की खोज !


खगोल विज्ञानीयो ने सौर मंडल के बाहर पहला ग्रह खोज निकाला है जो गैस महाकाय(Gas Giant) नही है। अभी तक सौर मंडल के बाहर खोजे गये सभी ग्रह बृहस्पति या शनि के जैसे गैसो के महाकाय पिंड थे। यह नया खोजा गया ग्रह अत्याधिक घनत्व का, चट्टान और धातु का पृथ्वी से थोड़ा ही बड़ा…

तारे का जन्म

लाखों तारे आसमां मे


आप से एक मासूम सा प्रश्न है। कितने दिनों पहले आपने रात्रि में आसमान में सितारों को देखा है ? कुछ दिन, कुछ माह या कुछ वर्ष पहले ? कब आप अपने घर की छत पर या आंगन में आसमानी सितारों के तले सोये है ? बच्चों को तारों को दिखाकर बताया है कि वह…

निहारिका मे सितारों का जन्म


ब्रह्मांडीय नर्सरी जहाँ तारों का जन्म होता है एक धूल और गैसों का बादल होता है जिसे हम निहारीका (Nebula) कहते है। सभी तारों का जन्म निहारिका से होता है सिर्फ कुछ दुर्लभ अवसरो को छोड़कर जिसमे दो न्यूट्रॉन तारे एक श्याम विवर बनाते है। वैसे भी न्यूट्रॉन तारे और श्याम विवर को मृत तारे…