ब्लैक होल्स खोजे तो ‘बिग बैंग’ पर उठा सवाल!


महान यूनानी दार्शनिक अरस्तू ने कहा था कि मनुष्य स्वभावतः जिज्ञासु प्राणी  है तथा उसकी सबसे बड़ी इच्छा ब्रह्माण्ड की व्याख्या करना है। ब्रह्माण्ड की कई संकल्पनाओं ने मानव मस्तिष्क को हजारों वर्षों से उलझन में डाल रखा है। वर्तमान में वैज्ञानिक ब्रह्माण्ड की सूक्ष्मतम एवं विशालतम सीमाओं तक पहुंच चुके हैं। ब्रह्माण्डीय परिकल्पनाओं एवं…

हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला

हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला की 22 वीं वर्षगांठ : करीना निहारिका(Carina Nebula)


24 अप्रैल 1900 को डीस्कवरी स्पेश शटल ने हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला को पृथ्वी की कक्षा तथा इतिहास मे स्थापित किया था। हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला की 22 वीं वर्षगांठ पर पेश है हब्बल द्वारा लिया गया करीना निहारिका का यह खूबसूरत चित्र ! करीना निहारिका लगभग 30 प्रकाशवर्ष चौड़ी है और लगभग 7500 प्रकाशवर्ष दूरी पर है। इसे एक छोटी…

ब्रह्माण्ड, हमारी आकाशगंगा, विशालकाय, महाकाय… जब शब्द कम पड़ जाये…


हमारा ब्रह्माण्ड इतना विशाल है कि उसके वर्णन के लिये मेरे पास शब्द कम पड़ जाते है। इतना विशाल, महाकाय कि शब्द लघु से लघुतम होते जाते है। खगोल वैज्ञानिकों ने चीली के VISTA दूरबीन तथा हवाई द्विप की UKIRT दूरबीन के प्रयोग से संपूर्ण आकाश का अवरक्त किरणो मे एक असाधारण अविश्वसनीय रूप से…

हमारे सूर्य का भविष्य : हेलिक्स निहारीका


क्या भविष्य मे 5 अरब वर्ष पश्चात हमारा सूर्य की यह अवस्था होगी ? यह हेलिक्स निहारीका है जो कि हमारे समीप की सबसे चमकदार “ग्रहीय निहारीका (planetary nebula)” है, एक गैस का विशालकाय बादल जो सूर्य के जैसे किसी तारे की मृत्यु के पश्चात निर्मित होता है। सूर्य के जैसे की मृत्यु के समय उसकी…

ब्रह्मांडीय जलप्रपात


इस ब्रह्माण्डीय जलप्रपात निहारिका का निर्माण कैसे हुआ ? कोई नही जानता! इस चित्र मे प्रस्तुत संरचना NGC 1999 का भाग है जो कि बृहद ओरीयान आण्विक बादल संरचना( Great Orion Molecular Cloud complex ) का एक भाग है। यह ब्रह्माण्ड की सबसे रहस्यमयी संरचनाओं मे से एक है। इस क्षेत्र को HH-22 के नाम…

अंतरिक्ष मे हीरो का हार!


हब्बल द्वारा लीया गया यह चित्र एक ग्रहीय निहारिका का है, जो किसी मृत तारे द्वारा एक महाविस्फोट से निर्मीत है। इस निहारिका के केन्द्र मे दो तारे एक दूसरे की परिक्रमा कर रहें है। इन मे से एक तारा का आकार उसकी मृत्यु के समय बड़ता गया, औअर वह इतना फूल गया कि दूसरा…