खूबसूरत आइंस्टाइन वलय


इस चित्र के मध्य मे दिखायी दे रहा लाल-पिले रंग का पिंड एक सम्पूर्ण आकाशगंगा है। लेकिन इस आकाशगंग के चारो ओर निले रंग का वलय क्या है और कैसे बना है ? यह निले रंग का वलय गुरुत्विय लेंसीग से बनी मृगतृष्णा(mirage) है। इसे आइन्सटाइन वलय (Einstein Ring) कहते है। आइन्सटाइन वलय किसी तारे…

’मंदाकिनी’ आकाशगंगा केन्द्र के दैत्य को जागृत करने जा रहा है एक गैसीय बादल !


हमारी आकाशगंगा ’मंदाकिनी’ के केन्द्र मे स्थित महाकाय श्याम वीवर (Spermassive Black Hole) सामान्यतः एक सोते हुये दैत्य की तरह है। लेकिन यह दैत्य अपनी निद्रा से जागने जा रहा है। पृथ्वी से कई गुणा बड़ा एक गैसीय बादल इस श्याम वीवर की ओर 50 लाख मील/घंटे की गति से इसकी ओर बढ़ रहा है।…

सिंह त्रिक (Leo Triplet)


पृथ्वी से 35 महाशंख (350 quintillion or 350 x 1018 ) ) किमी दूरी अर्थात 350 लाख प्रकाशवर्ष दूरी पर स्थित यह तीन आकाशगंगाओ का समूह सिंह त्रिक (Leo Triplet) कहलाता है! ब्रह्मांडीय दूरीयो के संदर्भ मे यह एक बहुत छोटी दूरी पर स्थित आकाशगंगाओ का समूह है। यह तीनो आकाशगंगाये हमारी आकाशगंगा ’मंदाकिनी’ के जैसे स्पायरल के आकार…

तु मेरे सामने, मै तेरे सामने : एक या दो आकाशगंगा(एँ) ?


यह चित्र एन जी सी 3314 का है। लेकिन यह है क्या ? चित्र के अनुसार यह एक आकाशगंगा लग रही है। लेकिन यह एक नही दो आकाशगंगायें है और दोनो आकाशगंगाओं के मध्य 230 लाख प्रकाशवर्ष अंतर है। यह एक संयोग है कि यह दोनो आकाशगंगायें पृथ्वी से देखे जाने पर एक ही रेखा…

बुढापे की ओर बढ़ती हुयी मंदाकिनी


यह हमारी अपनी आकाशगंगा मंदाकिनी है जो लगभग 100 हजार प्रकाशवर्ष चौड़ी है। हमारी मन्दाकिनी  आकाशगंगा उम्र के ऐसे दौर से गुजर रही है, जिसके बाद अगले कुछ अरब वर्षों में इसके सितारों के बनने की गति धीमी पड़ जाएगी। ग्रहों पर नजर रखने वाले वैज्ञानिको का कहना है कि आकाशगंगा को आमतौर पर दो…

धूल के बादलो से रेखांकित आकाशगंगा एन जी सी 7049


इस असामान्य आकाशगंगा का निर्माण कैसे हुआ होगा? यह कोई नही जानता है क्योंकि यह पेंचदार(Spiral) आकाशगंगा एन जी सी 7049 है ही इतनी विचित्र! एन जी सी 7049 मे सबसे विचित्र एक धूल और गैस का वलय है हो इस आकाशगंगा के बाह्य रूपरेखा मे दिख रहा है। यह धूल का वलय जैसे इस आकाशगंगा के…

हब्बल दूरबीन के 21 वर्ष : आर्प 273आकाशगंगा


24 अप्रैल 1990 को डीस्कवरी स्पेश शटल ने हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला को पृथ्वी की कक्षा तथा इतिहास मे स्थापित किया था। हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला की वर्षगांठ पर पेश है हब्बल द्वारा लिया गया आर्प 273 आकाशगंगाओ का यह खूबसूरत चित्र ! वर्षो पहले खगोलविज्ञानी हाल्टन आर्प ने विचित्र आकार की कई आकाशगंगाओं का निरीक्षण कर सूचीबद्ध किया था। अब हम जानते…