विक्रम लैंडर साफ़्ट लैंडीग

चंद्रयान-2 : विक्रम लैंडर की असफ़लता


भारत शनिवार 7 सितंबर 2019 की सुबह इतिहास रचने से दो क़दम दूर रह गया। अगर सब कुछ ठीक रहता तो भारत विश्व का पहला देश बन जाता जिसका अंतरिक्षयान चन्द्रमा की सतह के दक्षिण ध्रुव के क़रीब उतरता। 978 करोड़ रुपये की लागत वाला चंद्रयान-2 मानवरहित अभियान है। इसमें उपग्रह की कीमत 603 करोड़…

भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई


भारत आज अंतरिक्ष अभियान में अग्रणी राष्ट्रो मे शामिल  है । 22 जुलाई को भारत ने चंद्रयान-2 लॉच कर अंतरिक्ष में एक नई छलांग लगाई है। क्या आपको पता है, भारत को अंतरिक्ष के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले और आज की बुलंदियों की बुनियाद रखने वाले डॉ विक्रम साराभाई कौन हैं? डॉ विक्रम…

चंद्रमा पर मानव के 50 वर्ष विशेष : मानव का यह एक नन्हा कदम, मानवता की एक लम्बी छलांग है।


20 जुलाई 1969 को चंद्रमा पर पहली बार मानव के कदम पड़े। नासा के अभियान अपोलो-11 से नील आर्मस्ट्रॉन्ग, माइकल कॉलिन्स और एडविन एल्ड्रिन पहली बार चंद्रमा पर पहुंचे। मानव को चंद्रमा पर पहुंचाने की पहली कोशिश के तहत 16 जुलाई 1969 को अमेरिका के केप कैनेडी स्टेशन से अपोलो 11 यान तीन अंतरिक्ष यात्रियों…

चंद्रमा पर मानव के 50 वर्ष विशेष : चंद्रयात्रियों ने चंद्रमा के वातावरण का अभ्यास कैसे किया ?


चंद्रमा पर अवतरण से पहले चंद्रयात्रीयों ने  पृथ्वी  पर ही एक स्थान पर चंद्रमा के वातावरण का अभ्यास किया था। वह जगह है आइसलैंड। 20 जुलाई 1969 को अमरीकी अंतरिक्षयात्री नील आर्मस्ट्रांग अपोलो-11 के चंद्रयान ईगल से बाहर निकले और चंद्रमा पर कदम रखने वाले पहले मानव बन गए। उन्होंने घोषणा की, “उनका वह छोटा-सा…

चंद्रमा पर मानव के 50 वर्ष विशेष : सोवियत संघ अमरीका से कैसे पिछड़ा ?


सोवियत संघ(वर्तमान मे रुस) अंतरिक्ष होड़ मे अमरीका से आगे था। उसके नाम अंतरिक्ष मे कई उपलब्धियाँ थी लेकिन वह चंद्रमा पर मानव भेजने मे अमरीका से पीछड़ गया था। इस लेख मे हम इन कारणो की समीक्षा करते है। सोवियत संघ ने पहला कृत्रिम उपग्रह स्पुतनिक 1957 में लाँच किया था। सोवियत संघ ने…

चांद के पार चलो : चंद्रयान-2


भारत की अंतरिक्ष ऐजेंसी इसरो ने दूसरे चंद्र अभियान के लिए चंद्रयान-2 भेजने की घोषणा कर दी है। इसरो के अध्यक्ष डॉक्टर के सिवन ने कहा कि 15 जुलाई को तड़के क़रीब 2:51 बजे चंद्रयान-2 उड़ान भरेगा और अनुमान है कि 6 या 7 सितंबर को वो चंद्रमा पर उतर जाएगा। 2008 में भारत ने…

इंटीरियर एक्सप्लोरेशन यूजिंग सिस्मिक इन्वेस्टिगेशंस

नासा का मंगलयान ’इनसाइट ’ मंगल पर उतरा


नासा का रोबोटिक मंगलयान (मार्स लैंडर) “इंटीरियर एक्सप्लोरेशन यूजिंग सिस्मिक इन्वेस्टिगेशंस” 26 नवंबर 2018 सोमवार रात 1:24 बजे मंगल ग्रह पर सफलता पूर्वक उतर गया। नासा के अनुसार पहली बार प्रायोगिक उपग्रहो ने किसी अंतरिक्ष यान का पीछा करते हुए उस पर नजर रखी। इस पूरे अभियान पर 99.3 करोड़ डॉलर (करीब 7044 करोड़ रुपए)…