प्रस्तावित ब्रह्माण्ड का सबसे पहला निर्मित तारा, विशाल आकार के साथ नीले रंग में दिखाया गया है। यह तारा पूरी तरह से गैसीय तंतुओं से निर्मित हुआ है इसके पृष्टभूमि पर खगोलीय माइक्रोवेव(cosmic microwave background: CMB) को देखा जा सकता है। यह छवि रेडियो अवलोकनों पर आधारित है क्योंकि हम शुरुआती तारों को सीधे तौर पर नही देख सकते। शोधकर्ताओं के अनुसार खगोलीय माइक्रोवेव पृष्टभूमि की मंदता से तारे की उपस्थिति का अनुमान लगाने में मदद मिलती है क्योंकि खगोलीय माइक्रोवेव सितारों से निकले परावैगनी प्रकाश को अवशोषित कर लेते है। छवि में जहां पर खगोलीय माइक्रोवेव पृष्टभूमि कम है यह दर्शाता है वहां गैसीय तंतु अपेक्षा से कही अधिक ठंडे हो सकते है संभव है वे डार्क मैटर के साथ परस्पर प्रतिक्रिया कर रहे हो। Credit: N.R.Fuller, National Science Foundation.

ब्रह्माण्ड के शुरुआती सितारों के जन्म का रहस्य


महा विस्फोट का सिद्धांत ब्रह्मांड की उत्पत्ति के संदर्भ में सबसे ज्यादा मान्य है। यह सिद्धांत व्याख्या करता है कि कैसे आज से लगभग 13.8 अरब वर्ष पूर्व एक अत्यंत गर्म और घनी अवस्था से ब्रह्मांड का जन्म हुआ। इसके अनुसार ब्रह्मांड की उत्पत्ति एक बिन्दु से हुयी थी। ब्रह्माण्ड का जन्म अर्थात बिग बैंग…

चित्र1: 3.75 अरब साल बाद एंड्रोमेडा और मिल्की वे लगभग आमने सामने आ जायेंगे और अंतरिक्ष से वो नजारा कुछ ऐसा ही दिखाई देगा। Credit: NASA/ESA/Z. Levay/R. van der Marel/T. Hallas/A. Melliger.

जब एंड्रोमिडा आकाशगंगा हमारी आकाशगंगा से टकरायेगी


आज से तकरीबन चार अरब वर्षों के बाद हमारी आकाशगंगा मंदाकिनी (मिल्की वे) और एंड्रोमेडा आकाशगंगा आपस मे टकरा जाएगी लेकिन अफसोस तबतक हमारा सूर्य एक विशाल लाल तारा बन चुका होगा। न ही पृथ्वी और न ही सौर मंडल इस खगोलीय टकराव का साक्षी होगा। दो पड़ोसी आकाशगंगाओं का मिलन बड़ा दुर्लभ होता है…

हम तारों की दूरी कैसे ज्ञात कर लेते है ?


हम तारों की दूरी कैसे ज्ञात कर लेते है ? हम कैसे बता पाते है की उस तारे की दूरी उतनी है इस तारे की दूरी इतनी है ? यह ऐसे सवाल है जो विज्ञान विश्व पृष्ठ पर सबसे ज्यादा लोगो ने सबसे ज्यादा बार पूछा है। ब्रह्माण्ड में स्थित तारों, ग्रहों या आकाशगंगाओं की…

केप्लर 90 और सौर मंडल के ग्रहों के आकार की तुलना

नासा ने सौर मंडल के जैसे एक और सौर मंडल खोजा : केप्लर 90


नासा ने हमारे सौर मंडल के तुल्य एक तारा-ग्रह प्रणाली खोजी है जिसके पास आठ ग्रह है। इस तारे का नाम केप्लर 90 है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा को एक बड़ी सफलता मिली है। NASA के केपलर अंतरिक्ष दूरबीम ने हमारे जितना बड़ा ही एक और तारा-ग्रह प्रणाली खोजी है। दरअसल, यह तारा और उसके…

ओमुअमुआ: Oumuamua

ओमुअमुआ(Oumuamua) : सौर मंडल के बाहर से आया एक मेहमान


पहली बार खगोलविज्ञानियों ने एक क्षुद्रग्रह को खोज निकाला है जो बाहरी अंतरिक्ष से हमारे सौरमंडल में प्रवेश कर चुका है। चिली स्थित ESO(European Southern Observatory) के वेरी लार्ज टेलिस्कोप(Very Large Telescope: VLT) और विश्व के अन्य वेधशालाओं के निरीक्षण हमे बताते है कि यह अनोखा क्षुद्रग्रह हमारे सौरमंडल में प्रवेश करने से पहले लाखों…

एडवीन हबल( Edwin Hubble)

आधुनिक खगोलशास्त्र के पितामह : एडवीन हबल


एडविन हबल ब्रह्मांड के विस्तार सिद्धांत के प्रवर्तक और आधुनिक खगोल विज्ञान के पितामह थे । हबल बीसवीं सदी के अग्रणी खगोलविदों में से एक थे । उन पर ही हबल अंतरिक्ष टेलीस्कोप का नामकरण हुआ था । 1920 के दशक में हमारी अपनी मंदाकिनी(milky way) आकाशगंगा के परे अनगिनत आकाशगंगाओं की उनकी खोज ने…

अनेक ब्रह्माण्ड(Multiverse)

एक ब्रह्माण्ड या अनेक ब्रह्माण्ड(Universe or Multiverse)


आज हम उस स्थिति में हैं कि अपने ब्रह्मांड की विशालता का मोटे तौर पर आकलन कर सकते हैं। हमारी विराट पृथ्वी सौरमंडल का एक साधारण आकार का ग्रह है, जो सूर्य नामक तारे के इर्दगिर्द परिक्रमा कर रही है। सौरमंडल का स्वामी होने के बावजूद सूर्य भी विशाल आकाशगंगा-दुग्धमेखला नाम की मंदाकिनी का एक…