मानवता का दूत : 20 अरब किलोमीटर दूर जा चुका वायेजर क्या है?


खोज करना मानव की फ़ितरत है। इसके लिए वो किसी भी हद तक जाने को तैयार होता है। तभी तो, मानव उस चीज़ को खोजने में जुटा हुआ है, जिसकी कोई हद नहीं। जिसका कोई ओर-छोर नहीं। पर, वो आख़िर क्या है जिसका कोई ओर-छोर नहीं और हम जिसकी खोज में जुटे हुए हैं। वो…

एलियन या प्राकृतिक : अंतरिक्ष मे पायी गई विचित्र ध्वनियाँ और संकेत


अंतरिक्ष मे एक खौफ़नाक सन्नाटा छाया रहता है क्योंकि ध्वनि अंतरिक्ष मे यात्रा नही कर पाती है लेकिन अंतरिक्ष शांत नही है। लगभग सभी अंतरिक्ष के पिंड ऐसे रेडीयो संकेतो का उत्सर्जन करते है जिन्हे मानव के कान सुन नही पाते है जिन्हे विशेष उपकरणो से ग्रहण किया जाता है। रेडीयो संकेतो की खोज के…

KIC-8462852 के आसपास संभावित डायसन स्फियर

KIC 8462852 : एलीयन सभ्यता ? एक बार फ़िर से चर्चा मे


हमारे ब्रह्मांड मे ढेर सारी अबूझ पहेलीयाँ है, लेकिन पिछले कुछ समय से विश्व के खगोलशास्त्री एक अजीब सी उलझन में फंसे हुए हैं। इसकी वजह है एक अनोखा तारा। यह तारा काफी रहस्यमय है। इससे जुड़ी बातें इसे किसी भी अन्य ज्ञात तारे से अलग बनाती हैं। यह तारा 2015 के अंतिम महिनो मे…

शनि के शाही वलय


सभी गैस महाकाय ग्रहों के अपने वलय है लेकिन शनि के वलयों सबसे हटकर है, वे सबसे स्पष्ट, चमकदार, जटिल और शानदार वलय है। ये वलय इतने शाही और शानदार है किं शनि को सौर मंडल का आभूषण धारी ग्रह माना जाता है। खोज 1610 : गैलीलिओ गैलीली ने सर्वप्रथम शनि के वलयों को अपने…

सोलर प्रोब प्लस

सूर्य की ओर मानवता के दूत : एक नजर प्रमुख सौर अभियानो पर


हमारे सौरमंडल का केंद्र और पृथ्वी पर जीवन का प्रथम कारण “सूर्य” जो एक दहकता हुआ खगोलीय पिंड है। हमारी पृथ्वी की तरह सौरमंडल के अन्य ग्रह भी सूर्य के चक्कर लगाते हैं। और सूर्य से इन्हें प्रकाश मिलता है जिससे इनका ताप बना रहता है। हमारी पृथ्वी से सूर्य की दूरी लगभग 15 करोड़…

समय यात्रा(Time Travel) : स्टीफ़न हाकिंग के साथ


स्टीफेंस हाकिंग: नमस्ते! मेरा नाम स्टीफेंस हाकिंग है मुझे आप भौतिकविज्ञानी, खगोलविद् और एक सपने देखनेवाला भी कह सकते है। मैं चल-फिर नही सकता और मुझे बात भी कंप्यूटर से ही करनी पड़ती है लेकिन मेरा दिमाग सोचने के लिए स्वतंत्र है। मैं आपके सामने ब्रह्माण्ड के रहस्य को उजागर करना चाहता हूँ और कुछ बड़े…

खगोलशास्त्रियों को सौर परिवार से बाहर मिले ‘पृथ्वी की तरह’ के सात ग्रह


खगोलविदों ने एक ही तारे की परिक्रमा करते धरती के आकार के कम-से-कम सात ग्रहों को खोज निकाला है। मशहूर विज्ञान पत्रिका नेचर में बुधवार को प्रकाशित एक अध्ययन में इन ग्रहों की दूरी 40 प्रकाश वर्ष बताई गई है। एक प्रकाश वर्ष प्रकाश के एक वर्ष में तय की गई दूरी के बराबर होता…