समय विस्तारण: पृथ्वी केंद्रक की आयु सतह से 2.5 वर्ष कम


’नेचर’ पत्रिका मे प्रकाशित शोधपत्र के अनुसार पृथ्वी के केंद्रक की आयु उसकी सतह की आयु से 2.5 वर्ष कम है। दोनो की आयु मे यह अंतर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव से उत्पन्न समय विस्तारण(Time Dilation) से आया है। इस प्रभाव के कारण पृथ्वी के केंद्रक पर पृथ्वी की सतह की तुलना मे समय की…

कार्दाशेव स्केल : सभ्यता के विकास का पैमाना


1964 मे कार्दाशेव ने किसी परग्रही सभ्यता के तकनीकी विकास की क्षमता को मापने के लिये एक पैमाने को प्रस्तावित किया। रशियन खगोल विज्ञानी निकोलाइ कार्दाशेव के अनुसार सभ्यता के विकास के विभिन्न चरणो को ऊर्जा की खपत के अनुसार श्रेणीबद्ध लिया जा सकता है। इन चरणो के आधार पर परग्रही सभ्यताओं का वर्गीकरण किया जा सकता…

क्या पृथ्वी का भविष्य शुक्र जैसे भयावह होगा ?


आकार में एक जैसे और अक्सर जुड़वां कहे जाने वाले ग्रह पृथ्वी और शुक्र ग्रह का मूल एक ही हैं, लेकिन बाद में दोनों का विकास एकदम अलग हुआ है। इसमे एक ग्रह एक शुष्क और उष्ण है तो दूसरा नम और जीवन से भरपूर। इसका उत्तर इन ग्रहों की सूरज से दूरी में छुपा…

RLV TD : भारत का अपना अंतरिक्ष शटल, इसरो की सफ़लता


भारत ने अंतरिक्ष की दुनिया में एक कदम और बढ़ाते हुए सोमवार 23 मई 2016 को इतिहास रच दिया। दरअसल, (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) ने दोबारा इस्तेमाल लायक स्वदेशी स्पेसशटल को सोमवार को लांच कर दिया। इसे करीब सुबह सात बजकर पांच मिनट पर एक खास प्रक्षेपण यान (आरएलवी) को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष…

भविष्य की ऊर्जा : नाभिकिय संलयन(nuclear fusion) से पूरी होगी ऊर्जा की आवश्यकतायें


मानव को विकास चाहिए। विकास के लिए आवश्यक है ऊर्जा। ऊर्जा हमें ईंधन से मिलती है। आज दुनिया में कई तरह के ईंधन काम में लाए जा रहे हैं। सबसे ज़्यादा जिनका इस्तेमाल हो रहा है वो है कोयला और तेल। दोनों ईंधन ज़मीन के अंदर से निकालकर इस्तेमाल किए जा रहे हैं। मगर समस्या…

रिचर्ड फ़ाइनमेन : एक जिंदादिल वैज्ञानिक


11 मई महान भौतिक वैज्ञानिक रिचर्ड फ़ाइनमेन का जन्मदिन है। बीसवीं शताब्दी के पहले भाग के सबसे चर्चित वैज्ञानिक अलबर्ट आईनस्टाइन थे और रिचर्ड फिलिप्स फाइनमेन (फाइनमेन) बीसवी शताब्दी के अन्तिम भाग के। वे 1966 मे नोबेल पुरुस्कार से सम्मानित हुए। बीसवीं शताब्दी के बीच मे अच्छे विश्वविद्यालयों मे भौतिक शास्त्र को पढ़ाये जाने के…

गैलेलियो की दूरबीन

दूरबीन की विकासयात्रा: साधारण प्रकाशीय दूरबीनों से अंतरिक्ष दूरबीनों तक


लेखक -प्रदीप सदियों से  ब्रह्माण्ड मानव को आकर्षित करता रहा  है। इसी आकर्षण ने खगोल वैज्ञानिकों को ब्रह्माण्डीय प्रेक्षण और ब्रह्माण्ड अन्वेषण के लिए प्रेरित किया। रात के समय यदि हम आसमान में दिखाई देने वाले तारों का अवलोकन करते हैं, तो हमे दूरबीन के बिना भी कुछ बातें शीघ्र स्पष्ट होने लगती हैं। मगर,…