भगोड़ा सितारा ज़ीटा ओफ़ीयुची!


ब्रह्मांडीय सागर मे किसी जहाज़ के जैसे तैरता हुआ यह भगोड़ा सितारा! इस तारे का नाम ज़ीटा ओफ़ीयुची है जो एक विशाल धनुषाकार खगोलीय तंरग का निर्माण कर रहा है। य चित्र अवरक्त प्रकाश मे लिया गया है। इस प्रतिनिधी … पढ़ना जारी रखें भगोड़ा सितारा ज़ीटा ओफ़ीयुची!

2 जनवरी 2013 : पृथ्वी सूर्य के समीपस्थ बिंदू पर !


2 जनवरी 1913 की सुबह 04:37 UTC -ग्रीनिचमानक समय (भारतीय समय : 2 जनवरी 2013 सुबह के 9:57) पर पृथ्वी अपनी कक्षा मे पेरीहीलीआन(Perihelion) पर थी, यह पूरे वर्ष मे पृथ्वी की सूर्य से सबसे समीप की स्थिति थी। इस समय पृथ्वी की केन्द्र सूर्य के केन्द्र से 147,098,161 किलोमीटर था।

इसे आपने महसूस नही किया होगा, इस मौके पर कोई उत्सव नही मनाया गया, कोई आतिशबाजी नही हुयी। लेकिन घटना उसी तरह से हुयी जैसे पिछले वर्ष हुयी थी, उसके पिछले वर्ष भी हुयी थी और यह घटना पिछले 4.5 अरब वर्षो से हर वर्ष होते आयी है।

पृथ्वी की सूर्य परिक्रमा की कक्षा वृताकार न होकर दिर्घवृताकार(ellipse) है। यह तथ्य 17 वी सदी के शुरुवाती वर्षो तक ज्ञात नही था। खगोलशास्त्री जोहानस केप्लर के ग्रहीय गति के तीन नियमो के प्रकाशन के पश्चात यह जानकारी जनसामान्य को ज्ञात हुयी थी। इसके पहले सहस्त्रो वर्षो तक यही माना जाता रहा था कि सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा वृताकार कक्षा मे करतें है। पढ़ना जारी रखें “2 जनवरी 2013 : पृथ्वी सूर्य के समीपस्थ बिंदू पर !”