ब्रह्माण्ड, हमारी आकाशगंगा, विशालकाय, महाकाय… जब शब्द कम पड़ जाये…


हमारा ब्रह्माण्ड इतना विशाल है कि उसके वर्णन के लिये मेरे पास शब्द कम पड़ जाते है। इतना विशाल, महाकाय कि शब्द लघु से लघुतम होते जाते है। खगोल वैज्ञानिकों ने चीली के VISTA दूरबीन तथा हवाई द्विप की UKIRT दूरबीन के प्रयोग से संपूर्ण आकाश का अवरक्त किरणो मे एक असाधारण अविश्वसनीय रूप से…

भारी परमाणु केन्द्रक

09 सरल क्वांटम भौतिकी: रेडियो सक्रियता क्यों होती है?


पिछले भाग मे हमने अस्थायी या अस्थिर परमाणु केन्द्रक से संबंधित कुछ प्रश्न देखे थे : भारी परमाणु केन्द्रक अस्थायी क्यों होता है? किसी परमाणु केन्द्रक का किसी प्रायिकता(Probability) के आधार पर क्षय क्यों होता है ? परमाणु केन्द्रक के क्षय मे द्रव्यमान का भी क्षय होता है, यह द्रव्यमान कहाँ जाता है ? इस…