दूनिया की सैर कर लो!


क्या आपने कभी पृथ्वी की अंतरिक्ष से परिक्रमा का सपना देखा है ? सुदूर आकाश से पृथ्वी के उपर से उड़ान ! अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के अंतरिक्षयात्री रोजाना ऐसा करते है। हमारी अपनी घूर्णन करती हुयी पृथ्वी की हर तीन घंटे मे एक … पढ़ना जारी रखें दूनिया की सैर कर लो!

लुब्धक तारा अर्थात सिरिअस तारा


लुब्धक तारा(Sirius) रात्री आकाश मे सबसे ज्यादा चमकदार तारा है। यह सूर्य के सबसे समीप के तारों मे से एक है, इसकी दूरी 9 प्रकाशवर्ष है। सौर मंडल से दूरी मे इसका स्थान सांतवां है। रात्री आकाश मे इसे खोजना … पढ़ना जारी रखें लुब्धक तारा अर्थात सिरिअस तारा

प्रकाशगति से तेज न्युट्रिनो ?: क्रांतिकारी खोज या प्रायोगिक गलती ?


ओपेरा कण जांचक( OPERA particle detector)
ओपेरा कण जांचक( OPERA particle detector)

अपडेट मार्च 17,2012: आइंस्टाइन का सिद्धांत कि प्रकाशगति से तेज यात्रा असंभव  है, अभी तक सही है, प्रकाशगति से तेज न्युट्रिनो प्रयोग के पीछे एक उपकरण की गलती थी। इस प्रयोग मे प्रयुक्त एक फाइबर आप्टिक केबल ढीला होने से समय की सही गणना नही हो पा रही थी, जिससे प्रकाशगति से तेज न्युट्रीनो का भ्रम उत्पन्न हो रहा था।

जेनेवा स्थित भौतिकी की दुनिया की सबसे बड़ी प्रयोगशाला सर्न(CERN) में वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने परमाण्विक कण (Subatomic Particles) न्यूट्रिनो की गति प्रकाश की गति से भी ज़्यादा पाई है।

अगर ऐसा सच हुआ तो ये भौतिकी के मूलभूत नियमों को पलटने वाली खोज होगी। शोधकर्ता स्वीकार कर रहे हैं कि वे इस नतीजे से काफ़ी आश्चर्यचकित हैं और इसीलिए उन्होंने कोई दावा नहीं करते हुए अन्य लोगों से स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि करने की अपील की है।

आइंस्टाइन के सापेक्षतावाद के सिद्धांत के अनुसार कोई भी कण प्रकाशगति से तेज नही चल सकता है। यदि यह निरीक्षण सत्य है तब भौतिकी की किताबो को नये सीरे से लिखना होगा। पढ़ना जारी रखें “प्रकाशगति से तेज न्युट्रिनो ?: क्रांतिकारी खोज या प्रायोगिक गलती ?”

एक फूल दो माली :दो सितारों की परिक्रमा करता ग्रह केप्लर 16b


अंतरिक्ष वेधशाला केप्लर ने एक तारा युग्म की परिक्रमा करते हुये एक ग्रह की खोज की है। इस नये खोजे गये ग्रह का नाम केप्लर16b रखा गया है। ब्रह्माण्ड मे युग्म तारे या दो से अधिक तारा प्रणाली काफी सामान्य … पढ़ना जारी रखें एक फूल दो माली :दो सितारों की परिक्रमा करता ग्रह केप्लर 16b

स्वर्ण

सोना कितना सोना है ?


स्वर्ण/सोना मानव मन को सदियों से ललचाता रहा है! लेकिन स्वर्ण की उत्पत्ती कैसे हुयी ? हम यहा पर स्वर्ण खदानो की चर्चा नही कर रहे … पढ़ना जारी रखें सोना कितना सोना है ?

स्टार ट्रेक मे टेलीपोर्टेशन

टेलीपोर्टेशन : विज्ञान फंतासी कथाओं मे विज्ञान


स्टार ट्रेक मे टेलीपोर्टेशन
स्टार ट्रेक मे टेलीपोर्टेशन

स्टार ट्रेक की कहानी एक अंतरिक्षयान यु एस एस एन्टरप्रायज के यात्राओं पर आधारित होती है। यह अंतरिक्षयान ब्रह्माण्ड की अनंत गहराईयों मे जीवन की खोज मे घूमता रहता है। जब इस की कहानी लिखी जा रही थी, तब अंतरिक्ष यान से किसी ग्रह पर जाने और वापिस आने के तरिको पर विचार किया जा रहा था। सबसे आसान उपाय राकेटो का था लेकिन राकेट के लांच होने और “एन्टरप्रायज” तक पहुंचने या “एन्टरप्रायज” से राकेट/शटल यान के निकलने और ग्रह तक पहुंचने के फिल्मांकन की परेशानीयाँ थी। यह फिल्मांकन तकनीकी रूप से संभव था लेकिन महंगा था। इस धारावाहिक मे लगभग हर एपिसोड मे इस तरह की राकेट/शटल यात्रा दिखाना बजट की रीढ़ तोड़े जा रहा था।

एंटरप्रायज अंतरिक्ष यान से इन छोटी यात्राओं के विकल्प के रूप मे टेलीपोर्टेशन को प्रस्तुत किया गया। टेलीपोर्टेशन का फिल्मांकन आसान था, कैप्टन किर्क एक बटन दबाते ही एक जगह से दूसरी जगह पहुंच जाते।

टेलीपोर्टेशन के कुछ उदाहरण धार्मिक कथाओं मे भी मीलते है। इन कथाओ मे कई ऐसे प्रसंग है जिसमे देवता एक स्थान पर अंतर्धान हो कर दूसरे स्थान पर प्रकट होते है। थीयासोफीकल सोसायटी के मानने वालो के अनुसार कुछ सिद्ध पुरुष जिन्हे वे ’महात्मा’ कहते है, ’टेलीपोर्टेशन’ की क्षमता रखते है। परमहंस योगानंद की पुस्तक आटोबायोग्राफी आफ़ ए योगी मे भी कुछ स्थानो पर टेलीपोर्टेशन का वर्णन है। पढ़ना जारी रखें “टेलीपोर्टेशन : विज्ञान फंतासी कथाओं मे विज्ञान”