विपरीत दिशा मे परिक्रमा करता विचित्र ग्रह


वैज्ञानिको ने हाल मे वृश्चिक तारामंडल के एक तारे WASP-17 की परिक्रमा करते हुये ग्रह WASP-17b के बार मे एक विचित्र तथ्य का पता चला है। यह ग्रह अपने तारे की विपरित दिशा से परिक्रमा कर रहा है। यह ग्रह एक गैस महाकाय है और पृथ्वी से 1000 प्रकाशवर्ष दूर है। 2009 मे WASP17b ग्रह…

ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 11 : प्रतिपदार्थ(Antimatter) के उपयोग


प्रति पदार्थ यह मानव जाति के लिए एक वरदान साबित हो सकता है। वर्तमान मे यह चिकित्सा जैसे क्षेत्रो मे प्रयोग किया जा रहा है, तथा भविष्य मे इसे ईंधन , अंतरिक्ष यात्रा के लिए रॉकेट ईंधन तथा विनाशक हथियारों के निर्माण के लिए प्रयोग किया जा सकता है।

बुढापे की ओर बढ़ती हुयी मंदाकिनी


यह हमारी अपनी आकाशगंगा मंदाकिनी है जो लगभग 100 हजार प्रकाशवर्ष चौड़ी है। हमारी मन्दाकिनी  आकाशगंगा उम्र के ऐसे दौर से गुजर रही है, जिसके बाद अगले कुछ अरब वर्षों में इसके सितारों के बनने की गति धीमी पड़ जाएगी। ग्रहों पर नजर रखने वाले वैज्ञानिको का कहना है कि आकाशगंगा को आमतौर पर दो…

ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 10 : क्या प्रति-ब्रह्माण्ड(Anti-Universe) संभव है?


सैद्धांतिक रूप से तथा प्रायोगिक रूप से यह प्रमाणित हो चुका है कि प्रति पदार्थ का अस्तित्व है। अब यह प्रश्न उठता है कि क्या प्रति-ब्रह्माण्ड का अस्तित्व संभव है ? हम जानते है कि किसी भी आवेश वाले मूलभूत कण का एक विपरीत आवेश वाला प्रतिकण होता है। लेकिन अनावेशित कण जैसे फोटान (प्रकाश कण), ग्रैवीटान(गुरुत्व बल धारक कण) का…

अपने अंतिम अभियान से एन्डेवर की वापसी


कल रात 1 जून 2011, 06.35 UTC पर अमरीकी अंतरिक्ष यान एन्डेवर पृथ्वी पर केनेडी अंतरिक्ष केंद्र फ्लोरीडा मे सकुशल लौट आया। यह एन्डेवर का अंतिम अभियान था। अपने अंतिम अभियान मे एन्डेवर ने 100 लाख किमी से ज्यादा की यात्रा की। यह अभियान 15 दिन, 17 घन्टे और 51 सेकंड तक जारी रहा। 1992…