श्याम वीवर द्वारा साथी तारे के पदार्थ को निगलना

श्याम विवर(Black Hole) ने तारे को निगला


ब्रिटेन के खगोलविदों ने श्याम विवर में फंस कर एक तारे की मौत होने के सबूत जुटाने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि … पढ़ना जारी रखें श्याम विवर(Black Hole) ने तारे को निगला

श्याम वीवर द्वारा गैस के निगलने से एक्रेरीशन डीस्क का निर्माण तथा एक्स रे का उत्सर्जन

ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 12 : श्याम विवर (Black Hole) क्या है?


श्याम वीवर
श्याम वीवर

श्याम विवर (Black Hole) एक अत्याधिक घनत्व वाला पिंड है जिसके गुरुत्वाकर्षण से प्रकाश किरणो का भी बच पाना असंभव है। श्याम विवर मे अत्याधिक कम क्षेत्र मे इतना ज्यादा द्रव्यमान होता है कि उससे उत्पन्न गुरुत्वाकर्षण किसी भी अन्य बल से शक्तिशाली हो जाता है और उसके प्रभाव से प्रकाश भी नही बच पाता है।

श्याम विवर की उपस्थिति का प्रस्ताव 18 वी शताब्दी मे उस समय ज्ञात गुरुत्वाकर्षण के नियमो के आधार पर किया गया था। इसके अनुसार किसी पिंड का जितना ज्यादा द्रव्यमान होगा या उसका आकार जितना छोटा होगा, उस पिंड की सतह पर उतना ही ज्यादा गुरुत्वाकर्षण बल महसूस होगा। जान मीशेल तथा पीयरे सायमन लाप्लास दोनो ने स्वतंत्र रूप से कहा था कि अत्याधिक द्रव्यमान या अत्याधिक लघु पिंड के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से किसी का भी बचना असंभव है, प्रकाश भी इससे बच नही पायेगा। पढ़ना जारी रखें “ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 12 : श्याम विवर (Black Hole) क्या है?”

वृश्चिक नक्षत्र के डंक पर का बुलबुला


वृश्चिक नक्षत्र एक बिच्छू के जैसे ही लगता है जिसमे उसके पंजे तथा मुड़ा हुआ डंक भी शामील है। यदि इस नक्षत्र के डंक की ओर … पढ़ना जारी रखें वृश्चिक नक्षत्र के डंक पर का बुलबुला

15 जून का चंद्रग्रहण- बरेली शहर भारत से


चंद्रग्रहण में चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथ्वी आ जाती है। ऐसी स्थिति में चन्द्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरता है। ऐसा केवल पूर्णिमा के दिन संभव होता है, इसलिये चन्द्रग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन ही होता है। प्रस्तुत तस्वीर 15 जून 2011 को हुए चन्द्र ग्रहण … पढ़ना जारी रखें 15 जून का चंद्रग्रहण- बरेली शहर भारत से

सूरज हुआ मद्धम!


सूर्य
सूर्य

क्या हो रहा है सूर्य को ? क्या सौर गतिविधीयाँ बंद हो रही है?

नयी जानकारीयाँ इसी दिशा की ओर संकेत दे रही है कि सौर गतिविधियाँ हमेशा के लिए तो नही लेकिन अल्पकाल के लिए बंद हो रही हैं। वर्तमान मे सूर्य सौर गतिविधियाँ के चक्र के चरम(2013) मे पहुंच रहा है और हम सौर गतिविधियोँ मे वृद्धि देख रहे है, ज्यादा सौर धब्बे, ज्यादा सौर ज्वाला इत्यादि। लेकिन यह सौर गतिविधियाँ सामान्य से कम है। इस बात के भी मजबूत संकेत मिले हैं कि सौर गतिविधियाँ का अगला चरम (2022 या पश्चात) और भी कमजोर होगा या यह चरम होगा ही नही।

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2010 के सुपरनोवा विस्फोट के बाद की तस्वीर(नासा द्वारा तैयार कीया गया मिश्रित चित्र)

एक साथ छः तारों की मृत्यु


अंतरिक्ष में छह बड़े  विस्फोट हुए हैं। पृथ्वी से लाखों करोड़ों किलोमीटर दूर पुराने बड़े तारे इस विस्फोट के बाद खत्म हो गए हैं। वैज्ञानिक धमाकों … पढ़ना जारी रखें एक साथ छः तारों की मृत्यु