आसमान मे सात बहने : कृ्तिका नक्षत्र


यह चित्र एक जा्ने पहचानने तारामंडल का है। यह 27 नक्षत्रो मे से एक ’कृत्तिका’ नक्षत्र है। पश्चिम मे इसे ’सेवन सीस्टर्स(सात बहने)’ के नाम से … पढ़ना जारी रखें आसमान मे सात बहने : कृ्तिका नक्षत्र

पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण तथा घूर्णन द्वारा "समय-अंतराल’ मे आयी विकृति

आइन्स्टाइन के सिद्धांत के दो प्रमुख पूर्वानुमानों की पुष्टि : ग्रैविटी प्रोब बी


आइंस्टाइन के सामान्य सापेक्षतावाद के सिद्धांत के कुछ पूर्वानुमान लगभग 100 वर्ष पश्चात प्रमाणित हो रहे है। 20 अप्रैल 2004 को डेल्टा 2 राकेट से एक अंतरिक्ष उपग्रह ग्रेवीटी प्रोब बी (गुरुत्वाकर्षण जांच बी) का प्रक्षेपण किया गया था। यह अभियान नासा का सबसे लंबे अंतराल तक चलने वाला अभियान है। इस अभियान की शुरूवात 1959 मे ही हो गयी थी जब एम आई टी के प्रोफेसर जार्ज पग ने इस अभियान की परिकल्पना की थी। लगभग 50 वर्ष तथा 75 करोड डालर के खर्च के बाद इस अभियान को सफलता मिली है।

पढ़ना जारी रखें “आइन्स्टाइन के सिद्धांत के दो प्रमुख पूर्वानुमानों की पुष्टि : ग्रैविटी प्रोब बी”

NASA_Mars_Rover SPIRIT

मंगल शोध वाहन ’स्पिरिट’ के अभियान का अंत: अलविदा ’स्पिरिट’!


नासा ने एक वर्ष तक “स्पिरिट” (मगंल ग्रह शोध वाहन) से पुनः संपर्क स्थापित करने के असफल प्रयासो के पश्चात इस अभियान को बंद करने का … पढ़ना जारी रखें मंगल शोध वाहन ’स्पिरिट’ के अभियान का अंत: अलविदा ’स्पिरिट’!

धूल के बादलो से रेखांकित आकाशगंगा एन जी सी 7049


इस असामान्य आकाशगंगा का निर्माण कैसे हुआ होगा? यह कोई नही जानता है क्योंकि यह पेंचदार(Spiral) आकाशगंगा एन जी सी 7049 है ही इतनी विचित्र! एन जी … पढ़ना जारी रखें धूल के बादलो से रेखांकित आकाशगंगा एन जी सी 7049

पदार्थ और प्रतिपदार्थ (हायड्रोजन और प्रति हायड्रोजन)

ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 09 :प्रति पदार्थ(Anti matter)


प्रकृति(१) ने इस ब्रह्माण्ड मे हर वस्तु युग्म मे बनायी है। हर किसी का विपरीत इस प्रकृति मे मौजूद है। भौतिकी जो कि सारे ज्ञान विज्ञान का मूल है, इस धारणा को प्रमाणिक करती है। भौतिकी की नयी खोजों ने सूक्ष्मतम स्तर पर हर कण का प्रतिकण ढूंढ निकाला है। जब साधारण पदार्थ का कण प्रतिपदार्थ के कण से टकराता है दोनो कण नष्ट होकर ऊर्जा मे परिवर्तित हो जाते है।

प्रतिपदार्थ की खोज ने शताब्दीयों पुरानी धारणा जो पदार्थ और ऊर्जा को भिन्न भिन्न मानती थी की चूलें हिला दी। अब हम जानते है कि पदार्थ और ऊर्जा दोनो एक ही है। ऊर्जा विखंडित होकर पदार्थ और प्रतिपदार्थ का निर्माण करती है। इसे सरल गणितिय रूप मे निम्न तरिके से लिखा जा सकता है

पदार्थ और प्रतिपदार्थ (हायड्रोजन और प्रति हायड्रोजन)
पदार्थ और प्रतिपदार्थ (हायड्रोजन और प्रति हायड्रोजन)
  1. ऊर्जा = पदार्थ + प्रतिपदार्थ
  2. E=mc(E= ऊर्जा, m = पदार्थ का द्रव्यमान, c =प्रकाशगति) पढ़ना जारी रखें “ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 09 :प्रति पदार्थ(Anti matter)”
गुरुत्विय लेंस द्वारा किसी प्रकाश श्रोत की चमक मे बढोत्तरी

अंतरिक्ष मे भटकते बंजारे : बृहस्पति के आकार के आवारा ग्रह


वर्षो से हमारी आकाशगंगा ’मंदाकिनी’ के केन्द्र के निरिक्षण मे लगे खगोलविज्ञानियो ने एक नयी खोज की है। इसके अनुसार हमारी आकाशगंगा मे अरबो बृहस्पति के आकार के ’आवारा ग्रह’ हो सकते है जो किसी तारे के गुरुत्वाकर्षण से बंधे हुये नही है। एक तथ्य यह भी है कि ऐसे आवारा ग्रहो की संख्या आकाशगंगा के तारों की संख्या से दूगनी हो सकती है, तथा इन आवारा ग्रहों की संख्या तारों की परिक्रमा करते सामान्य ग्रहों से भी ज्यादा है।

विज्ञान पत्रिका नेचर(Nature) मे खगोलभौतिकी मे माइक्रोलेंसींग निरीक्षण (Microlensing Observations in Astrophysics- MOA)’ प्रोजेक्ट द्वारा इस खोज के परिणाम प्रकाशित हुये है। इस प्रोजेक्ट मे किसी तारे के प्रकाश मे उसकी परिक्रमा करते ग्रह से आयी प्रकाश के निरीक्षण वाली तकनीक का प्रयोग नही हुआ है। माइक्रोलेंसींग पृष्ठभूमी मे स्थित तारे पर किसी दूरस्थ ग्रह(१) के प्रभाव का अध्यन करती है। पढ़ना जारी रखें “अंतरिक्ष मे भटकते बंजारे : बृहस्पति के आकार के आवारा ग्रह”