एन जी सी 5584: हब्बल स्थिरांक की गणना


खूबसूरत आकाशगंगा एन जी सी 5584 यह 50,000 प्रकाशवर्ष चौडी़ है और पृथ्वी से 720 करोड़ प्रकाशवर्ष दूर कन्या नक्षत्र मे स्थित है। इस महाकाय आकाशगंगा की पेंचदार बांहो मे ढेर सारे नये नवजवान तारे तथा धूल से भरी गलीयां है। यह आकाशगंगा पृथ्वी की ओर से स्पष्ट दिखायी देने वाली एक और खूबसूरत आकाशगंगा ही नही…

सूर्य की परिक्रमा करता हुये प्रस्तावित लीसा के तीन उपग्रह जो लेसर किरणो के प्रयोग से गुरुत्विय तरंगो की जांच करेंगे।

ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 02 : मूलभूत कण और मूलभूत बल


भौतिकी मे विभिन्न कणो द्वारा एक दूसरे कणो पर डाला गया प्रभाव मूलभूत बल कहलाता है। यह प्रभाव दूसरे किसी प्रभाव के द्वारा प्रेरीत नही होना चाहीये। अब तक चार ज्ञात मूलभूत बल है, विद्युत-चुंबकिय बल, कमजोर नाभिकिय बल, मजबूत नाभिकिय बल तथा गुरुत्वाकर्षण। क्वांटम भौतिकी के अनुसार पदार्थ के कणो के मध्य विभिन्न बल…