मानव इतिहास का सबसे सफल अभियान :वायेजर 2


वायेजर २ यह एक मानव रहित अंतरग्रहीय शोध यान था जिसे वायेजर 1 से पहले 20 अगस्त 1977 को प्रक्षेपित किया गया था। यह अपने जुड़वा यान वायेजर 1 के जैसा ही है, लेकिन वायेजर 1 के विपरित इसका पथ धीमा है। इसे धीमा रखकर इसका पथ युरेनस और नेपच्युन तक पहुचने के लिये अभिकल्पित…

वायेजर 1 : अनजान राहो पर यात्री


वायेजर 1 अंतरिक्ष शोध यान एक 815 किग्रा वजन का मानव रहित यान है जिसे हमारे सौर मंडल और उसके बाहर की खोज के के लिये 5 सितंबर 1977 को प्रक्षेपित किया गया था। यह अभी भी(मार्च 2007) कार्य कर रहा है। यह नासा का सबसे लम्बा अभियान है। इस यान ने गुरू और शनि…

हमारा अपना सूर्य और उसकी सौर ज्वाला

सौरमंडल की सीमायें


सौरमंडल यह सूर्य और उसकी परिक्रमा करते ग्रह, क्षुद्रग्रह और धूमकेतुओ से बना है। इसके केन्द्र मे सूर्य है और सबसे बाहरी सीमा पर नेप्च्युन ग्रह है। नेपच्युन के परे प्लुटो जैसे बौने ग्रहो के अलावा धूमकेतु भी आते है। हीलीयोस्फियर (heliosphere) हमारा सौरमंडल एक बहुत बड़े बुलबुले से घीरा हुआ है जिसे हीलीयोस्फियर कहते…

वायेजर : सूदूर अंतरिक्ष का एकाकी यात्री


वायेजर कार्यक्रम मे दो मानवरहित वैज्ञानिक शोध यान वायेजर 1 और वायेजर 2 शामील है। इन दोनो अंतरिक्ष यानो 1977 मे 1970 के दशक के अंत की अनुकूल ग्रहीय दशा का लाभ लेने के लिये प्रक्षेपित किया गया था। इन दोनो यानो को तो ऐसे गुरू और शनि के अध्यन के लिये भेजा गया था, लेकिन दोनो यान…

saturn cassini

शनि और उसके वलय अपनी पूरी छटा मे


पूर्णाकार तस्वीर के लिये तस्वीर पर क्लीक करें यह तस्वीर पृथ्वी से नही ली ज सकती। पृथ्वी से ली गयी तस्वीरो मे हम सिर्फ शनि का दायां हिस्सा और उसपर उसके वलयो की छाया ही देख पाते है। पृथ्वी शनि की तुलना मे सूर्य के काफी निकट है इसलिये पृथ्वी से शनि का दिन वाला…

अपोलो 00 :अपोलो अभियान


अपोलो कार्यक्रम यह संयुक्त राज्य अमरीका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा की मानव उड़ानो की एक श्रंखला थ। इस मे सैटर्न राकेट और अपोलो यानो का प्रयोग किया गया था। यह श्रृंखला उड़ान 1961-1974 के मध्य मे हुयी थी। यह श्रंखला अमरीकी राष्ट्रपति जान एफ केनेडी के 1960 के दशक मे चन्द्रमा पर मानव के सपने को समर्पित थी।…

अपोलो 17 : चन्द्रमा पर पहला वैज्ञानिक और अंतिम मानव


अपोलो 17 यह अपोलो कार्यक्रम का अंतिम और ग्यारहवां मानव अभियान था। रात मे प्रक्षेपित होने वाला यह पहला अभियान था। इस अभियान की विशेषता थी कि पहली बार कोइ वैज्ञानिक चन्द्रमा पर जा रहा था। इसके पहले सभी यात्री सेना से थे। यह एक विडंबना है या संयोग यह विज्ञानी चन्द्रमा पर जाने वाला…