लेख सूची

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लेख सूची अनुक्रम से

  1. ब्रह्मांड की उत्पत्ति
  2. महाविस्फोट का सिद्धांत (The Big Bang Theory)
  3. डाप्लर प्रभाव तथा लाल विचलन
  4. श्याम उर्जा (Dark Energy)
  5. श्याम पदार्थ(Dark Matter)
  6. पृथ्वी
  7. हमारे सबसे नजदिक का तारा: प्राक्सीमा सेंटारी
  8. एक सुंदर ग्रह : शनी
  9. शनी की नजर से !
  10. शनी की छाया मे
  11. ‘चील निहारिका’ मे सितारो का जन्म
  12. बिल्ली की आंखे
  13. सी फर्ट आकाशगंगा NGC 7742
  14. अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केन्द्र की मरम्मत
  15. मंदाकिनी की बहन ( NGC 3370)
  16. काल-अतंराल(Space-Time) की अवधारणा
  17. चांद पर दाग ?
  18. झुलसाने वाला श्याम सूर्य
  19. किसी श्याम विवर द्वारा एक तारे को चीरना
  20. लुढकने वाला ग्रह
  21. हीरो वाला निला दानव
  22. महाकाय गुरु
  23. युद्ध का देवता
  24. प्रेम और सुंदरता की देवी
  25. वाणिज्य, व्यापार का देवता
  26. पाताल का देवता और मौत का नाविक
  27. सुरज के बौने बेटे
  28. निहारिका मे सितारों का जन्म
  29. भगवान की अंगुठी
  30. सितारो का जन्म
  31. तारों का जीवन और मृत्यु
  32. न्युट्रान तारे और पल्सर
  33. ब्रम्हाण्ड मे एक समुद्री बीच
  34. लाखों तारे आसमां मे
  35. दो सितारों का मिलन !
  36. सुंदरता का राज
  37. विशालकाय , महाकाय
  38. वलय आकाशगंगा
  39. एक मृत सितारे की कलाकृती
  40. स्वर्ग का राजा और उसके वलय
  41. एक नन्हा कदम: चंद्रमा पर कदम
  42. अपोलो 1 : एक दुर्घटना
  43. अपोलो 4 :सफलता की पहली उडान
  44. अपोलो 5- चन्द्रयान की उडान
  45. अपोलो 6: असफलताओ के झटके
  46. अपोलो 7 : मानव सहित प्रथम अपोलो उड़ान
  47. चांद के पार चलो : अपोलो 8
  48. अपोलो 9: एक अभ्यास उड़ान
  49. अपोलो 10 : मानव इतिहास का सबसे तेज सफर
  50. अपोलो 11: मानवता की एक बडी छलांग
  51. अपोलो 12: एक बडा कदम !
  52. अपोलो 13 :एक सफल असफल अभियान
  53. अपोलो 14 : प्रथम चन्द्र ओलंपिक
  54. अपोलो 15 : चंद्रमा पर तीन दिन
  55. अपोलो 16 : चन्द्रमा पर सबसे तेज वाहन
  56. अपोलो 17 : चन्द्रमा पर पहला वैज्ञानिक और अंतिम मानव
  57. अपोलो अभियान
  58. आकाशगंगा समुह एबेल S0740
  59. शनि और उसके वलय अपनी पूरी छटा मे
  60. सौरमंडल की सीमायें
  61. वायेजर : सूदूर अंतरिक्ष का एकाकी यात्री
  62. वायेजर 1 : अनजान राहो पर यात्री
  63. वायेजर 2 : मानव इतिहास का सबसे सफल अभियान
  64. पराया हो गया सूरज !
  65. लाखों तारे आसमां मे : तारो की जन्मगाथा
  66. ब्रम्हाण्डिय पुष्प : निहारिका
  67. स्टार वार की वापसी- अंतरिक्ष से जासूसी : अमरीकी अंतरिक्ष यान एक्स 37
  68. सौर ज्वाला
  69. ये क्या जगह है दोस्तो ! : पृथ्वी
  70. क्या समय यात्रा संभव है?
  71. क्या मोबाईल फोन से कैंसर हो सकता है ?
  72. वायेजर 1: ब्रह्माण्ड की अनंत गहराईयो की ओर
  73. ताराहुमारा : 435 मील मैराथन के धावक
  74. आयताकार लाल निहारिका
  75. अंतरिक्ष मे एक नाजूक वलय : एस एन आर 0509
  76. सौर मंडल के बाहर पहले ’ठोस’ ग्रह की खोज !
  77. हैन्नी का वूरवेर्प
  78. सीगार आकाशगंगा(M82)
  79. मंगल ग्रह पर “आपर्च्युनिटी” के सात वर्ष
  80. उत्तरी अमेरिका निहारिका
  81. पृथ्वी जैसे सौर बाह्य ग्रह की खोज :परग्रही जीवन श्रंखला भाग 5
  82. अंतरिक्ष मे वेलेंटाईन डे
  83. क्या सौर मंडल मे बृहस्पति से चार गुणा बड़े ग्रह की खोज हो गयी है ?
  84. विशालकाय, महाकाय ब्रह्मांडीय पिंड
  85. अपनी अंतिम उड़ान पर ‘डिस्कवरी’
  86. शनि के घर से :रीआ, डिओने और वलय
  87. ठंडा होता हुआ न्यूट्रॉन तारा
  88. एक युग का अंत: डिस्कवरी अपनी अंतिम उड़ान से वापिस
  89. क्या बाह्य अंतरिक्ष मे जीवन है ? :परग्रही जीवन श्रंखला भाग 1
  90. पृथ्वी के बाहर जीवन की वैज्ञानिक खोज : परग्रही जीवन श्रंखला भाग 2
  91. परग्रही सभ्यता से संपर्क :परग्रही जीवन श्रंखला भाग 3
  92. केप्लर वेधशाला ने एक सौर मंडल खोज निकाला !
  93. कहां है वे ? : परग्रही जीवन श्रंखला भाग 4
  94. वे कैसे दिखते होंगे ?: परग्रही जीवन श्रंखला भाग 6
  95. अनुपात का सिद्धांत और दानवाकार प्राणी: परग्रही जीवन श्रंखला भाग 7
  96. परग्रही सभ्यता मे वैज्ञानिक विकास : परग्रही जीवन श्रंखला भाग 8
  97. उड़नतश्तरीयां : परग्रही जीवन श्रंखला भाग 9
  98. अल्बर्ट आइंस्टाइन
  99. विशालकाय निहारिका टारान्टुला
  100. जापानी नाभिकिय दुर्घटना : तथ्यो का अभाव और समाचारो की बाढ़
  101. नाभिकिय विकिरण कब हानीकारक होता है ?: कुछ तथ्य
  102. एन जी सी 5584: हब्बल स्थिरांक की गणना
  103. मानव की पहली अंतरिक्ष उड़ान के 50 वर्ष : 12 अप्रैल 1961-यूरी गागरीन
  104. चंद्रमा का दूसरा पहलू
  105. हब्बल दूरबीन के 21 वर्ष : आर्प 273आकाशगंगा
  106. क्या दक्षिणी गोलार्ध मे चंद्रमा उल्टा दिखेगा ?
  107. बिल्ली की आंखे(Cat’s Eye Nebula) : सितारों की खूबसूरत मृत्यु !
  108. बृहस्पति,मंगल,बुध और शुक्र एक रेखा मे !
  109. अमरीकी अंतरिक्ष यान ‘एंडेवर’ की अंतिम उड़ान
  110. अंतरिक्ष मे भटकते बंजारे : बृहस्पति के आकार के आवारा ग्रह
  111. प्रति पदार्थ(Anti matter):ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 9
  112. धूल के बादलो से रेखांकित आकाशगंगा एन जी सी 7049
  113. मंगल शोध वाहन ’स्पिरिट’ के अभियान का अंत: अलविदा ’स्पिरिट’!
  114. आइन्स्टाइन के सिद्धांत के दो प्रमुख पूर्वानुमानों की पुष्टि : ग्रैविटी प्रोब बी
  115. आसमान मे सात बहने : कृ्तिका नक्षत्र
  116. अपने अंतिम अभियान से एन्डेवर की वापसी
  117. बुढापे की ओर बढ़ती हुयी मंदाकिनी
  118. विपरीत दिशा मे परिक्रमा करता विचित्र ग्रह
  119. एक साथ छः तारों की मृत्यु
  120. सूरज हुआ मद्धम!
  121. 15 जून का चंद्रग्रहण- बरेली शहर भारत से
  122. वृश्चिक नक्षत्र के डंक पर का बुलबुला
  123. श्याम विवर(Black Hole) ने तारे को निगला
  124. अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष केन्द्र के साथ एन्डेवर
  125. नासा के वर्चस्व का अंत : अंतरिक्ष शटल अटलांटिस की अंतिम उड़ान
  126. अटलांटिस अपनी अंतिम ऐतिहासिक उड़ान पर रवाना
  127. मूलभूत कण और मूलभूत बल: ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 1
  128. मूलभूत कण और मूलभूत बल: ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 2
  129. मूलभूत बल – महा एकीकृत सिद्धांत(GUT) – : ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 3
  130. मानक प्रतिकृति: ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 4
  131. मानक प्रतिकृति की कमियाँ और आलोचनाएं: ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 5
  132. श्याम पदार्थ (Dark Matter):ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 6
  133. श्याम पदार्थ (Dark Matter) का ब्रह्माण्ड के भूत और भविष्य पर प्रभाव :ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 7
  134. श्याम ऊर्जा(Dark Energy):ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 8
  135. क्या प्रति-ब्रह्माण्ड(Anti-Universe) संभव है?:ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 10
  136. प्रतिपदार्थ(Antimatter) के उपयोग::ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 11
  137. श्याम विवर (Black Hole) क्या है?:ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 12
  138. श्याम विवर के विचित्र गुण:ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 13
  139. श्याम विवर कैसे बनते है?:ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 14
  140. दक्षिणी वलय निहारिका(Southern Ring Nebula)
  141. विकिरण(Radiation) क्या होता है?
  142. पीएसएलवी सी 17: तीन महिला वैज्ञानिको के हाथ जीसैट 12 की कमान
  143. प्लूटो के नये चंद्रमा की खोज
  144. अंतरिक्ष में अमरीका के प्रभुत्व का का अंत : अटलांटिस सकुशल वापिस
  145. ब्रह्माण्ड मे पृथ्वी की स्थिति
  146. तु मेरे सामने, मै तेरे सामने : एक या दो आकाशगंगा(एँ) ?
  147. सिंह त्रिक (Leo Triplet)
  148. हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला चित्र कैसे लेती है?
  149. फिल्टर और प्रकाश : हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला चित्र कैसे लेती है? : भाग 2
  150. प्राकृतिक, प्रतिनिधि तथा उन्नत रंग: हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला चित्र कैसे लेती है?: भाग 3
  151. मंगल पर जल की उपस्थिति के नये प्रमाण
  152. सप्तऋषि तारा मंडल
  153. अंतरिक्ष मे हीरो का हार!
  154. न्युटन का तीसरा नियम : राकेट कैसे कार्य करते हैं ?: भाग 1
  155. द्रव, ठोस ईंधन वाले राकेट इंजिन:राकेट कैसे कार्य करते हैं ? : भाग 2
  156. एक नया सुपरनोवा PTF 11kly: सप्तऋषि तारामंडल के पास एक तारे की मृत्यु
  157. मुंबई मे हिग्स बोसान रहस्योद्घाटन : क्या स्टीफन हांकिंग अपनी हारी शर्त जीत गये है ?
  158. अनंत समुद्र मे एक छोटे से द्विप पर असहाय से हम : पृथ्वी और चंद्रमा
  159. सप्तॠषि तारामंडल का सुपरनोवा अपनी चरम दीप्ती पर
  160. ओमेगा सेन्टारी तारा परिवार : तारो का गोलाकार समूह(Globular Cluster)
  161. विज्ञान फंतासी कथाओं मे विज्ञान
  162. टेलीपोर्टेशन : विज्ञान फंतासी कथाओं मे विज्ञान
  163. सोना कितना सोना है ?
  164. एक फूल दो माली :दो सितारों की परिक्रमा करता ग्रह केप्लर 16b
  165. प्रकाशगति से तेज न्युट्रिनो ?: क्रांतिकारी खोज या प्रायोगिक गलती ?
  166. लुब्धक तारा अर्थात सिरिअस तारा
  167. दूनिया की सैर कर लो!
  168. क्वांटम टेलीपोर्टेशन: अत्यंत तेज गति के सुपरकंप्युटर की ओर एक कदम
  169. 4 अक्तूबर 1957 : ‘स्पुतनिक’ का प्रक्षेपण
  170. 2012 भौतिकी का नोबेल तीन खगोलशास्त्रीयों को!
  171. श्याम ऊर्जा: बहुधा पूछे जाने वाले प्रश्न(FAQ)
  172. सौर मंडल की सबसे बड़ी सूर्य घड़ी
  173. समय के बारे मे जानने योग्य कुछ महत्वपूर्ण तथ्य
  174. ब्रह्मांडीय जलप्रपात
  175. पंख और हथौड़ा मे से पहले ज़मीन पर कौन पहुँचेगा ?
  176. यूरोपा पर जीवन की संभावनाएं पहले से ज्यादा !
  177. मंगल की यात्रा पर मानव उत्सुकता (मंगल शोध वाहन ’क्यूरियोसिटी ’)
  178. ईश्वर कण(हिग्स बोसान) की खोज : शायद हाँ, शायद ना
  179. ’मंदाकिनी’ आकाशगंगा केन्द्र के दैत्य को जागृत करने जा रहा है एक गैसीय बादल !
  180. पृथ्वी के आकार के ग्रह की खोज!
  181. अंतरिक्ष मे मानव की चहलकदमी
  182. खूबसूरत आइंस्टाइन वलय
  183. श्वेत श्याम उपग्रह
  184. स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory):सैद्धांतिक भौतिकी और न्युटन
  185. स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory):सापेक्षतावाद और आइंस्टाइन
  186. स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory) : क्वांटम भौतिकी
  187. अंततः मानव अंतरिक्षयान की वापसी : सोयुज का सफल प्रक्षेपण
  188. स्ट्रींग सिद्धांत : क्वांटम भौतिकी और साधारणा सापेक्षतावाद
  189. स्ट्रींग सिद्धांत : परिचय
  190. स्ट्रींग सिद्धांत : इतिहास और विकास
  191. केप्लर अंतरिक्ष वेधशाला: सूर्य सदृश तारे के जीवन योग्य क्षेत्र मे पृथ्वी सदृश ग्रह की खोज!
  192. स्ट्रींग सिद्धांत: विसंगतियों का निराकरण
  193. स्ट्रींग सिद्धांत: विसंगतियो का निराकरण और सुपरस्ट्रींग सिद्धांत का प्रवेश
  194. स्ट्रींग सिद्धांत: सुपरस्ट्रींग सिद्धांत से M सिद्धांत की ओर
  195. स्ट्रींग सिद्धांत: M सिद्धांत
  196. स्ट्रींग सिद्धांत: श्याम विवर
  197. स्ट्रींग सिद्धांत: विज्ञान या दर्शन ?
  198. हमारे सौर मंडल के बाहर पदार्थ भिन्न है !
  199. हमारे सौरमंडल के समीप पृथ्वी के जैसे एक और ग्रह की खोज!
  200. ऐठी हुयी आकाशगंगा : स्पायरल आकाशगंगा ESO 510-13
  201. ब्रह्माण्ड, हमारी आकाशगंगा, विशालकाय, महाकाय… जब शब्द कम पड़ जाये…
  202. हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला की 22 वीं वर्षगांठ : करीना निहारिका(Carina Nebula)
  203. सरल क्वांटम भौतिकी: मूलभूत क्या है ?
  204. सरल क्वांटम भौतिकी: ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 1?
  205. सरल क्वांटम भौतिकी: ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 2?
  206. हमारे सूर्य का भविष्य : हेलिक्स निहारीका
  207. सरल क्वांटम भौतिकी: ब्रह्माण्ड को कौन बांधे रखता है ?
  208. सरल क्वांटम भौतिकी: परमाणु को कौन बांधे रखता है?
  209. सरल क्वांटम भौतिकी: कमजोर नाभिकिय बल और गुरुत्वाकर्षण
  210. सरल क्वांटम भौतिकी: क्वांटम यांत्रिकी
  211. सरल क्वांटम भौतिकी:कणों का क्षय और विनाश(Particle Decay and Annihilation)
  212. सरल क्वांटम भौतिकी: रेडियो सक्रियता क्यों होती है?
  213. सरल क्वांटम भौतिकी: मूलभूत कणो का विनाश (Particle Anhilation)
  214. सरल क्वांटम भौतिकी: भौतिकी के अनसुलझे रहस्य
  215. हृदय मे एक काला रहस्य समेटे खूबसूरत आकाशगंगायें
  216. सरल क्वांटम भौतिकी : कण त्वरक तथा जांचक (Particle Accerator and Detectors)
  217. सरल क्वांटम भौतिकी : यह कैसे जाना जाये कि वास्तव मे क्या हो रहा है ?
  218. ब्रह्माण्ड की गहराईयों मे श्याम विवर द्वारा एक तारे की हत्या
  219. सरल क्वांटम भौतिकी : यह कैसे जाना जाये कि वास्तव मे क्या हो रहा है ? : कण त्वरक (Particle Accelerator)
  220. सरल क्वांटम भौतिकी : कण त्वरक कणो को गति कैसे देते है?
  221. सरल क्वांटम भौतिकी : आधुनिक जांचयंत्र द्वारा कण त्वरकों के आंकड़ो का विश्लेषण कैसे होता है ?
  222. शून्य से अनंत की ओर
  223. 20 मई 2012 का कंकणाकृति सूर्यग्रहण
  224. अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र की ओर निजी कंपनी की प्रथम उड़ान : स्पेस एक्स
  225. पानी रे पानी! कितना पानी ?
  226. शुक्र के सूर्य संक्रमण का सीधा प्रसारण
  227. समय : क्या है समय ?
  228. समय : समय कैसे उत्पन्न होता है ?
  229. समय : समय क्या नही है ?
  230. सौर मंडल की सीमा पर वायेजर 1
  231. एलन ट्युरिंग अमर है!
  232. क्या हिग्स बोसान की खोज हो गयी है?
  233. हिग्स बोसान मिल ही गया !
  234. गुरूत्वाकर्षण ट्रैक्टर : पृथ्वी को किसी क्षुद्रग्रह की टक्कर से बचाने का अभिनव उपाय
  235. अलविदा नील आर्मस्ट्रांग. प्रथम चन्द्रयात्री नील आर्मस्ट्रांग का ८२ वर्ष की उम्र मे निधन
  236. 2 जनवरी 2013 : पृथ्वी सूर्य के समीपस्थ बिंदू पर !
  237. भगोड़ा सितारा ज़ीटा ओफ़ीयुची!
  238. चार्ल्स डार्विन : धार्मिक मान्यताओं को चुनौती देता महामानव
  239. हिग्स बोसान संबधित 10 महत्वपूर्ण तथ्य
  240. सापेक्षतावाद सिद्धांत : परिचय
  241. अंतरिक्ष मे जीवन की संभावना : दो नये पृथ्वी के आकार के ग्रहो की खोज
  242. 22 अप्रैल : पृथ्वी दिवस पर हमारी वसुंधरा से जुड़े कुछ मनोरंजक तथ्य
  243. सापेक्षतावाद सिद्धांत : ब्रह्माण्ड के गुणधर्म
  244. सापेक्षतावाद सिद्धांत : प्रकाश के गुणधर्म
  245. सापेक्षतावाद सिद्धांत : विशेष सापेक्षतावाद
  246. सौर मंडल की सीमा पर वायेजर 1? शायद हां शायद ना !
  247. विज्ञान विश्व को चुनौती देते 20 प्रश्न
  248. ब्रह्माण्ड का केन्द्र कहाँ है?
  249. वायेजर 1 ने रचा इतिहास: सौर मंडल के बाहर प्रथम मानव निर्मित यान
  250. प्रश्न आपके उत्तर हमारे : सितंबर 1, 2013 से सितंबर 30,2013 तक के प्रश्न
  251. हिग्स बोसान, नोबेल पुरस्कार, धर्म और भारत
  252. गणितज्ञ कापरेकर : कापरेकर स्थिरांक, कापरेकर संख्या तथा डेमलो संख्या
  253. प्रश्न आपके, उत्तर हमारे: 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक के प्रश्नों के उत्तर
  254. आत्म चेतन मशीन – संभावना, तकनीक और खतरे(Self-aware machine : Possibilities, Technology and associated dangers)
  255. मंगलयान : भारत की बड़ी छलांग!
  256. स्वर्ण मरिचिका : सोना कितना सोना है?
  257. सफलता की उड़ान : GSLV D5 और स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन
  258. बरमुडा त्रिभुज : रहस्य या एक मिथक (Bermuda Triangle : Mystery or Myth)?
  259. आइंस्टाइन के द्रव्यमान और ऊर्जा समीकरण का सरल सत्यापन
  260. नया सुपरनोवा: M82 आकाशगंगा मे एक श्वेत वामन तारे की मृत्यु
  261. गैलीलियो गैलीली
  262. प्रयोगशाला मे सूर्य का निर्माण : नाभिकिय संलयन(nuclear fusion) मे एक बड़ी सफलता
  263. ब्रह्मांड का अंत कैसे होगा ?
  264. अर्ध-प्रकाशगति(149,896 किमी/सेकंड) से घूर्णन करता श्याम विवर
  265. गुरुत्विय तरंगो की खोज: महाविस्फोट(Big Bang), ब्रह्मांडीय स्फिति(Cosmic Inflation), साधारण सापेक्षतावाद की पुष्टि
  266. चंद्रमा की उत्पत्ति की नयी अवधारणा
  267. ऊर्जा संकट : थोरियम आधारित परमाणु रिएक्टर
  268. भारत का लिएनार्दो दा विंची : होमी जहाँगीर भाभा
  269. महान विज्ञानी : निकोला टेस्ला
  270. सूर्य अपना द्रव्यमान खो रहा है , लेकिन कैसे ?
  271. दो नदीयों के संगम के बावजूद जल अलग अलग बहता है: विचित्र किंतु सत्य।
  272. ब्रह्माण्ड की 13 महत्वपूर्ण संख्यायें
  273. क्वांटम आत्महत्या और श्रोडीन्गर की बिल्ली
  274. रंगो का अद्भुत विश्व : दर्पण, मृगमरिचिका
  275. गाडेल का अपूर्णता प्रमेय(Gödel’s incompleteness theorem)
  276. जीवन के लिये आवश्यक तत्वो का निर्माण
  277. लानीआकिया मे आपका स्वागत है : आपका नया ब्रह्माण्डिय पता
  278. तापमान : ब्रह्माण्ड मे उष्णतम से लेकर शीतलतम तक
  279. मंगलयान : मंगल की कक्षा मे स्थापित
  280. गुरुत्विय लेंस क्या होता है?
  281. कण भौतिकी(Particle Physics) क्या है?
  282. मंगल ग्रह पर क्रेटर के मध्य स्थित पर्वत कैसे बना?
  283. महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन
  284. क्या प्रकाशगति से तेज संचार संभव है?
  285. कैसा लगता है अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक अकेले रहना…
  286. क्या अदृश्य मानव संभव है?
  287. 25 अप्रैल को हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला के 25 वर्ष पूरे होने पर विशेष
  288. हबल दूरबीन के शानदार 25 वर्ष पूरे
  289. भूकंप : क्या, क्यो और कैसे?
  290. हबल अंतरिक्ष दूरबीन : जब 1.6 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट को बर्बाद होने से बचाया गया!
  291. अंतरिक्ष से संबधित 25 अजीबोगरिब तथ्य जो आपको चकित कर देंगे
  292. भविष्य के विमान नाभिकिय शक्ति से चालित हो सकते है: बोइंग द्वारा पेटेंट प्राप्त
  293. ब्रह्माण्ड का अंत : अब से 22 अरब वर्ष पश्चात
  294. प्लूटो : न्यु हारीजोंस की प्लूटो यात्रा पर विशेष भाग 1
  295. न्यु हारीजोइन्स : प्लूटो की यात्रा सम्पन्न कर आगे रवाना
  296. अंतरग्रहीय अभियान : गुरुत्विय सहायता(Gravity Assist)
  297. केप्लर 452b: पृथ्वी की जुड़वा बहन – पृथ्वी -2 की खोज
  298. ब्रह्माण्ड के बाहर क्या है?
  299. अफ़वाह : नवंबर ब्लैक आउट- पृथ्वी पर पंद्रह दिनो का अंधेरा
  300. हमारे वर्तमान ज्ञान के आधार पर पृथ्वी के जैसे ग्रह पर पहुंचने मे हमे कितना समय लगेगा ?
  301. सबसे दूरस्थ सबसे प्राचीन आकाशगंगा की खोज : आयु 13.2 अरब वर्ष
  302. नयी मानव प्रजाति की खोज : होमो नालेदी(Homo Naledi)
  303. महान इंजीनियर : मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या
  304. 16 सितंबर : विश्व ओजोन दिवस विशेष
  305. प्रो सतीश धवन : इसरो की नींव बनाने वालो मे एक प्रमुख नाम
  306. 2015 चिकित्सा नोबेल पुरस्कार :यूयू तू , विलियम सी कैम्पबेल और सातोशी ओमूरा
  307. 2015 भौतिकी नोबेल पुरस्कार : तकाकी काजिता तथा आर्थर बी मैकडोनाल्ड
  308. 2015 रसायन नोबेल पुरस्कार : टॉमस लिंडाल, पॉल मॉडरिश और अज़ीज सैंकर
  309. KIC 8462852: क्या इस तारे पर एलीयन सभ्यता है?
  310. सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर : ‘चंद्रशेखर सीमा’ के प्रस्तावक
  311. भौतिकी से जुड़ी कुछ सामान्य भ्रांतियाँ
  312. श्याम विवर: 10 विचित्र तथ्य
  313. मिथक: सूर्य आग का गोला है!
  314. पहली बार कैमरे में कैद हुआ निर्माणाधीन ग्रह

ब्रह्मांड संरचना

  1. मूलभूत कण और मूलभूत बल: ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 1
  2. मूलभूत कण और मूलभूत बल: ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 2
  3. मूलभूत बल – महा एकीकृत सिद्धांत(GUT) – : ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 3
  4. मानक प्रतिकृति: ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 4
  5. मानक प्रतिकृति की कमियाँ और आलोचनाएं: ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 5
  6. श्याम पदार्थ (Dark Matter):ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 6
  7. श्याम पदार्थ (Dark Matter) का ब्रह्माण्ड के भूत और भविष्य पर प्रभाव :ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 7
  8. श्याम ऊर्जा(Dark Energy):ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 8
  9. प्रति पदार्थ(Anti matter):ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 9
  10. क्या प्रति-ब्रह्माण्ड(Anti-Universe) संभव है?:ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 10
  11. प्रतिपदार्थ(Antimatter) के उपयोग::ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 11
  12. श्याम विवर (Black Hole) क्या है?:ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 12
  13. श्याम विवर के विचित्र गुण:ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 13
  14. श्याम विवर कैसे बनते है?:ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 14

क्वांट्म भौतिकी

  1. सरल क्वांटम भौतिकी: मूलभूत क्या है ?
  2. सरल क्वांटम भौतिकी: ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 1?
  3. सरल क्वांटम भौतिकी: ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 2?
  4. सरल क्वांटम भौतिकी: ब्रह्माण्ड को कौन बांधे रखता है ?
  5. सरल क्वांटम भौतिकी: परमाणु को कौन बांधे रखता है?
  6. ऐठी हुयी आकाशगंगा : स्पायरल आकाशगंगा ESO 510-13
  7. सरल क्वांटम भौतिकी: कमजोर नाभिकिय बल और गुरुत्वाकर्षण
  8. सरल क्वांटम भौतिकी: क्वांटम यांत्रिकी
  9. सरल क्वांटम भौतिकी:कणों का क्षय और विनाश(Particle Decay and Annihilation)
  10. सरल क्वांटम भौतिकी: रेडियो सक्रियता क्यों होती है?
  11. सरल क्वांटम भौतिकी: मूलभूत कणो का विनाश (Particle Anhilation)
  12. सरल क्वांटम भौतिकी: भौतिकी के अनसुलझे रहस्य
  13. हृदय मे एक काला रहस्य समेटे खूबसूरत आकाशगंगायें
  14. सरल क्वांटम भौतिकी : कण त्वरक तथा जांचक (Particle Accerator and Detectors)
  15. हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला की 22 वीं वर्षगांठ : करीना निहारिका(Carina Nebula)
  16. सरल क्वांटम भौतिकी : यह कैसे जाना जाये कि वास्तव मे क्या हो रहा है ?
  17. सरल क्वांटम भौतिकी : यह कैसे जाना जाये कि वास्तव मे क्या हो रहा है ? : कण त्वरक (Particle Accelerator)
  18. सरल क्वांटम भौतिकी : कण त्वरक कणो को गति कैसे देते है?
  19. सरल क्वांटम भौतिकी : आधुनिक जांचयंत्र द्वारा कण त्वरकों के आंकड़ो का विश्लेषण कैसे होता है ?

स्ट्रींग सिद्धांत

  1. स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory):सैद्धांतिक भौतिकी और न्युटन
  2. स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory):सापेक्षतावाद और आइंस्टाइन
  3. पंख और हथौड़ा मे से पहले ज़मीन पर कौन पहुँचेगा ?
  4. स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory) : क्वांटम भौतिकी
  5. स्ट्रींग सिद्धांत : क्वांटम भौतिकी और साधारणा सापेक्षतावाद
  6. स्ट्रींग सिद्धांत : परिचय
  7. स्ट्रींग सिद्धांत : इतिहास और विकास
  8. केप्लर अंतरिक्ष वेधशाला: सूर्य सदृश तारे के जीवन योग्य क्षेत्र मे पृथ्वी सदृश ग्रह की खोज!
  9. स्ट्रींग सिद्धांत: विसंगतियों का निराकरण
  10. ईश्वर कण(हिग्स बोसान) की खोज : शायद हाँ, शायद ना
  11. स्ट्रींग सिद्धांत: विसंगतियो का निराकरण और सुपरस्ट्रींग सिद्धांत का प्रवेश
  12. स्ट्रींग सिद्धांत: सुपरस्ट्रींग सिद्धांत से M सिद्धांत की ओर
  13. स्ट्रींग सिद्धांत: M सिद्धांत
  14. स्ट्रींग सिद्धांत: श्याम विवर
  15. स्ट्रींग सिद्धांत: विज्ञान या दर्शन ?

एलीयन/उड़न तश्तरी/UFO

  1. क्या बाह्य अंतरिक्ष मे जीवन है ? :परग्रही जीवन श्रंखला भाग 1
  2. पृथ्वी के बाहर जीवन की वैज्ञानिक खोज : परग्रही जीवन श्रंखला भाग 2
  3. परग्रही सभ्यता से संपर्क :परग्रही जीवन श्रंखला भाग 3
  4. केप्लर वेधशाला ने एक सौर मंडल खोज निकाला !
  5. कहां है वे ? : परग्रही जीवन श्रंखला भाग 4
  6. क्या सौर मंडल मे बृहस्पति से चार गुणा बड़े ग्रह की खोज हो गयी है ?
  7. वे कैसे दिखते होंगे ?: परग्रही जीवन श्रंखला भाग 6
  8. अनुपात का सिद्धांत और दानवाकार प्राणी: परग्रही जीवन श्रंखला भाग 7
  9. परग्रही सभ्यता मे वैज्ञानिक विकास : परग्रही जीवन श्रंखला भाग 8
  10. उड़नतश्तरीयां : परग्रही जीवन श्रंखला भाग 9

वैज्ञानिक

  1. अल्बर्ट आइंस्टाइन
  2. एलन ट्युरिंग अमर है!
  3. चार्ल्स डार्विन : धार्मिक मान्यताओं को चुनौती देता महामानव
  4. गणितज्ञ कापरेकर : कापरेकर स्थिरांक, कापरेकर संख्या तथा डेमलो संख्या
  5. गैलीलियो गैलीली
  6. भारत का लिएनार्दो दा विंची : होमी जहाँगीर भाभा
  7. महान विज्ञानी : निकोला टेस्ला
  8. महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन
  9. महान इंजीनियर : मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या
  10. प्रो सतीश धवन : इसरो की नींव बनाने वालो मे एक प्रमुख नाम
  11. सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर : ‘चंद्रशेखर सीमा’ के प्रस्तावक

अंतरिक्ष

अंतरिक्ष अभियान

श्याम विवर/ब्लैक होल(Black Hole)

श्याम ऊर्जा(Dark Energy)/श्याम पदार्थ(Dark Matter)

लेख सूची विषय से

ब्रह्माण्ड

क्रमांक लेख क्रमांक लेख
1. ब्रह्माण्ड: क्या? क्यो ? कैसे ?  ब्रह्मांड की संरचना पर हर प्रश्न का उत्तर देती 14 लेखो की श्रृंखला।   2. ब्रह्मांड की उत्पत्ती  
3. महाविस्फोट का सिद्धांत (The Big Bang Theory)   4. काल-अतंराल(Space-Time) की अवधारणा  
5. श्याम उर्जा (Dark Energy)   6. श्याम पदार्थ(Dark Matter)  
7. स्ट्रींग सिद्धांत स्ट्रींग सिद्धांत क्या है ? इसकी आवश्यकता क्या है? क्या यह ब्रह्माण्ड से संबधित सभी प्रश्नो का उत्तर देता है?   8. क्वांटम भौतिकी  qplogo
9. आइन्स्टाइन के सिद्धांत के दो प्रमुख पूर्वानुमानों की पुष्टि : ग्रैविटी प्रोब बी   10. डाप्लर प्रभाव तथा लाल विचलन  
11.    12  विशालकाय, महाकाय ब्रह्मांडीय पिंड
13. सापेक्षतावाद(विशेष तथा सामान्य)  14 श्याम ऊर्जा: बहुधा पूछे जाने वाले प्रश्न(FAQ)

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परग्रही जीवन/उड़नतश्तरी/रहस्य रोमांच

क्रमांक लेख
1. परग्रही जीवन, उड़नतश्तरी पृथ्वी के बाहर जीवन की जांच पड़ताल करती 9 लेखों की श्रृंखला ।    2.    

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हिग्स बोसान (ईश्वर कण)

क्रमांक लेख क्रमांक लेख
1. हिग्स बोसान मिल ही गया ! 2.  हिग्स बोसान संबधित 10 महत्वपूर्ण तथ्य
3. क्या हिग्स बोसान की खोज हो गयी है? 4.  ईश्वर कण(हिग्स बोसान) की खोज : शायद हाँ, शायद ना
5. क्या हिग्स बोसान(ईश्वर कण – God Particle) का अस्तित्व नही है?  

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विज्ञान

क्रमांक लेख क्रमांक लेख
1. क्या समय यात्रा संभव है?   2. क्या मोबाईल फोन से कैंसर हो सकता है ?  
3. जापानी नाभिकिय दुर्घटना : तथ्यो का अभाव और समाचारो की बाढ़ 4.  
 5.    6.  

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विज्ञान समाचार

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1. सौर मंडल के बाहर पहले ’ठोस’ ग्रह की खोज ! 2. केप्लर वेधशाला ने एक सौर मंडल खोज निकाला !
3. पराया हो गया सूरज !   4. स्टार वार की वापसी- अंतरिक्ष से जासूसी : अमरीकी अंतरिक्ष यान एक्स ३७
5. क्या सौर मंडल मे बृहस्पति से चार गुणा बड़े ग्रह की खोज हो गयी है ?   6. ताराहुमारा : ४३५ मील मैराथन के धावक
7. क्वांटम टेलीपोर्टेशन: अत्यंत तेज गति के सुपरकंप्युटर की ओर एक कदम 8. प्रकाशगति से तेज न्युट्रिनो ?: क्रांतिकारी खोज या प्रायोगिक गलती ?
9. सूरज हुआ मद्धम!   10.  समय के बारे मे जानने योग्य कुछ महत्वपूर्ण तथ्य  
11. अंतरिक्ष मे भटकते बंजारे : बृहस्पति के आकार के आवारा ग्रह   12.  

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वैज्ञानीक

क्रमांक लेख
1. चार्ल्स डार्विन : धार्मिक मान्यताओं को चुनौती देता महामानव CharlesDarwin 2. गैलीलियो गैलीली  
3. होमी जहाँगीर भाभा 4.  Tesla_circa_1890.jpeg

79 thoughts on “लेख सूची

    • वायुमंडल के निचले भाग को (जो प्राय: चार से आठ मील तक फैला हुआ है) क्षोभमंडल, उसके ऊपर के भाग को समतापमंडल और उसके और ऊपर के भाग को आयनमंडल कहते हैं। क्षोभमंडल और समतापमंडल के बीच के बीच के भाग को “शांतमंडल” और समतापमंडल और आयनमंडल के बीच को स्ट्रैटोपॉज़ कहते हैं। साधारणतया ऊपर के तल बिलकुल शांत रहते हैं।

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    • संधारित्र या कैपेसिटर (Capacitor), विद्युत परिपथ में प्रयुक्त होने वाला दो सिरों वाला एक प्रमुख अवयव है। संधारित्र में धातु की दो प्लेटें होतीं हैं जिनके बीच के स्थान में कोई कुचालक डाइएलेक्ट्रिक पदार्थ (जैसे कागज, पॉलीथीन, माइका आदि) भरा होता है। संधारित्र के प्लेटों के बीच धारा का प्रवाह तभी होता है जब इसके दोनों प्लेटों के बीच का विभवान्तर समय के साथ बदले। इस कारण नियत डीसी विभवान्तर लगाने पर स्थायी अवस्था में संधारित्र में कोई धारा नहीं बहती। किन्तु संधारित्र के दोनो सिरों के बीच प्रत्यावर्ती विभवान्तर लगाने पर उसके प्लेटों पर संचित आवेश कम या अधिक होता रहता है जिसके कारण वाह्य परिपथ में धारा बहती है। संधारित्र से होकर डीसी धारा नही बह सकती।

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    • ओजोन (O3) आक्सीजन (O2) से भारी है। दोनो गैसे सारे वायुमंडल मे पायी जाती है लेकिन ओजोन वायुमंडल के निचली सतह पर स्थायी नही रहती है, वह टूटकर आक्सीजन मे बदल जाती है। वायुमंडल की उपरी तहो पर उल्टा होता है, वहा पर पराबैंगनी किरणो के कारण आक्सीजन ओजोन मे बदल जाती है, जिससे वहाँ पर ओजोन का घनत्व अधिक होता है।

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  1. सर एक बात तो माननी पढ़ेगी कि आप बहुत बुद्धिमान है और आपको विज्ञान का काफी ज्ञान पर एक सवाल कि आप करते क्या है ? और सर आपसे एक विनती है की आप हर लेख डालने का टाइम और लिख दीजिया करो जैसे आप लेख के शीर्षक के नीचे अपना नाम लिखते हो वहीँ नाम के बराबर टाइम लिख दीजिया करो इससे लेख पढ़ने में सहूलियत मिलेगी धन्यबाद

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  2. सर मुझे लगता है कि आप मेरा प्रेशन सही से समझ नहीं पाये मुझे आप के पास कुछ फ़ोटो भेजने थे जिसके ज़रिये मैं आपको अच्छे से समझा सकूँ फ़ोटो भेजने का कोई उपाय है आप के पास

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  3. सर यदि हम किसी विमान( जो समुन्दर तल से 10 किलोमीटर ऊपर उड़ रहा हो ) की 1000 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से बिल्कुल सीधी रेखा में उड़ते रहे तो क्या हम पृथ्वी की सीमा से बाहर जा सके हैं या वो विमान अपने आप मुड़ कर पृथ्वी का चक्कर लगता रहेगा ?

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  4. सर, अक्सर सुनने और देखने को मिलता है कि मंदिरो मे भगवान की मूर्तियाँ पानी या दूध पी रहे है। इस मे क्या सच्चाई है। कोई वैज्ञानिक कारण बताए।

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    • यह केवल एक अफवाह है, स अफवाह की वज़ह से उपजी अराजकता से निपटने के लिये और इसका वास्तविक कारण पता लगाने के लिये राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी संचार परिषद के अध्यक्ष डॉ.नरेन्द्र सहगल के नेत्रत्व में तुरंत एक दल का गठन किया गया जिसने राजधानी के विभिन्न मन्दिरो में भ्रमण कर इस घटना को देखा और यह निष्कर्ष दिया कि इस घटना में कोई चमत्कार नहीं है तथा वैज्ञानिक सिद्धांतों के अनुसार सामान्य घटना है ।इस वैज्ञानिक दल ने बताया कि दूध से भरे चम्मच को जब 90 अंश के झुकाव पर मूर्ति से सम्पर्क किया गया तो प्रतिमा ने दूधपान नहीं किया लेकिन इसके विपरीत चम्मच झुकाने से ऐसा प्रतीत हुआ । वैज्ञानिकों ने बताया कि प्रत्येक द्रव का पृष्ठ तनाव होता है जो द्रव के भीतर अणुओं के आपसी आकर्षण बल पर निर्भर होता है । जिस पदार्थ के सम्पर्क में यह आता है उस ओर इसका बल हो जाता है । इस घटना में जैसे ही चम्मच में भरा दूध सीमेंट ,पत्थर या संगमरमर से बनी प्रतिमा के सम्पर्क में आया वह उसकी सतह पर फैल गया तब देखने वालों को लगा कि प्रतिमा ने उस दूध को खींच लिया लेकिन जैसे ही दूध मे रंग या सिन्दूर मिलाकर प्रतिमा से लगाया गया बहती हुई दूध की पतली धार दिखती रही ।

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  5. कुछ दोस्त बगैर सोचे ही निराधार बहेस करते , सम्पूर्ण मानव सोच की अपनी सीमा है , कुछ बिन्दू ऐसे है कि जिन पर हम विचार नही रख सकते ,पर रखते , यदि किसी से पूछा जाये कि इन्सान अपने दिमाग का अधिकतम 10% इस्तेमाल करता है, यदि वह 100% दिमाग का इस्तेमाल करे तो क्या होगा । तब भी वह अपने विचार रखेगा जबकि विचार रखना सम्भव नही ,क्योकि 10%वाला 100%वाले के स्तर का सोच ही नही सकता । लेकिन कुछ लोग जरुर सोचते कि 100% वाला क्या सोचेगा । शायद कुछ सवाल ऐसे ही 100% वाले दिमाग के लिये है . लेकिन हम 10% दिमाग से उत्तर ढूढेने की कोशिश कर रहे ।

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  6. i likes your posts too much. i want ask a question from you that i have read somewhere galaxies are going away from each other by the velocity = square of their distance it means some of them may be have velocity more than or equal to light. And the velocity is continuously increasing. now the question is how can be moving speed of galaxies continuously increase ?

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  7. sir in the book written by mr. feynman it is said
    “that if you were standing at an srm’s
    length from someone and each of you have one percent more electrons then protons the repelling force would be so strong it can lift the mass equal to the entire earth” so sir in current carrying wires the the electrons are too much then compared to protons so sir why they have not force to lift the entire earth and second question means what is a two dimansional sphere how can a sphere be
    in two dimansion

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  8. sir in many documantries it is said that our universe is expanding and somtimes the speed of expension is greater then the speed of light sir why sometimes happen not every time and how can these galaxies can travel with the speed which is grater then light according to relativity it is impossible and from where the huge amount of energy come and is over star is rotating to some object because our galaxy is spiral and this can be happen if and only if it is rotating to something

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    • रोहित, क्वांटम मेकेनिक्स मे किसी भी शोध के लिये के लिये भौतिकी मे स्नातक और परास्नातक होना आवश्यक है। अधिकतर बड़े वैज्ञानिक किसी कालेज मे या शोध संस्थान मे ही मिलेंगे। मै तुम्हारी बात समझ रहा हूं कि तुम्हे शोध करना है लेकिन अध्यापन नही करना है लेकिन वर्तमान मे इसका पर्याय नही है।

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  9. sir you say noting is behind the physics laws then why our scientist could not desicribe the soul or in others words the life
    they don’t know why humans body stop reacting after death what had lost in them so they can’t react? i think there is physics but where our physical world ends from there spritual world starts. in other words something behind all this ? that can be god do you agree with me

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  10. बहुत ही ज्ञान वर्धक है,,,मैं तो फिदा हो गया हूँ,,,कभी कभी ,,,आपके विचारो को अपनी फेशबुक की दीवार पर भी प्रयोग कर रहा हूँ,,,आपका बहुत आभार श्रीमान जी

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  11. Sir,
    One more question please. To prove the time dilation, we have an example of high speed jet and atomic clock. The speed of jet is always is in relative to air. For an observer on the earth, the relative speed will change. When the jet has covered the half circumference of earth, that the jet reached at opposite side of the earth, the relative speed will become zero. How the relative speed is being calculated? We know that the speed will be equal to the “change in distance” / time. And the distance should be measured in between the jet and the observer, which is not constant.

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    • अभी तक तो श्याम ऊर्जा और फोटान मे कोई संबध नही पाया गया है। वास्तविकता तो यह है कि श्याम ऊर्जा और साधारण पदार्थ के कण जिन्हे हम जानते है उनमे कोई संबध ज्ञात नही हो पाया है। हम केवल इतना जानते है कि श्याम ऊर्जा कोई ऐसी ऊर्जा है जिससे अंतराल(space) का विस्तार हो रहा है।

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  12. आशीष मुझे आपकी बात सही लगी,लेकिन यह सिधानत केवल हम जो समझ पाये,मानव के दिमाग कि सिमा तक तो सही हो लेकिन दुसरे माहौल मै बदल जाते हौ?हाँ, इनका बदलना भी किसी नही खोजी हुई भौतिकी का नियम हो सकता है?

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    • भौतिकी से परे कोई सिद्धांत नही है, प्रकृति भौतिकी के नियमों से संचालित है। यह और बात है कि हमारी जानकारी सीमित है, भौतिकी के कई नियम और कई रहस्य हम नही जानते हैं। यह भौतिकी की सीमा नही, हमारी अपनी सीमा है।

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      • nahi sir bhotiki se pare bahut sare sidhant hai jiska tum, hum ya aur koi (Einsten) kabhi puri tarah analysis nahi kar sakte. kyonki jaise aap kahte hai ki bhotiki ki koi sima nahi hamari hai, hamri sima yahi brahmand ka rahsya nahi sulza pa rahi hai to ye jo brahmand hai kahase utpan hua,( E=MC2) aur kaha tikaye hai, gubara hai to kaha ud raha hai, jad hai esko kon sambhale hai. bdha raha hato eski (E0 Energy badha rahi hogi, aur bahut sare sawal kabhibhi manav mastik ka sahi tarah se samadhan nahi kar payenge kyon…………ye saral bhasa udharan ke sath samjhaye.

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      • 1) Agar Dravaman space me wakrata lata haito gravitation force se prithvi surya ki taraf gol ghumate khichi ja rahi hai kya ?
        2) Agar khichi ja rahi to kis gati se ?
        3) Agar jaise hi surya aur prithvi ke bich me distance kam hote jayega to gravitational force Distance kam honeke karan
        jada badhega kya ?
        4) Agar aisa hai to 3 Dimensionanal universe me Big Bang theory ke anusar universe expanding ye jhoot Hai Kya ?

        In saare sawalo ke uttar Dijiye……………………….

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      • Aapne mere 24 oct 13 ke sawalon ke uttar to bahut aache diye hai, Aabhar par mere pas abhi kuch sawal hai.
        1) Keplar ke niyam kya hai ?
        2) Kya mulbhut kan higgs bosan etc se lekar sun, star, black hole, universe etc Round kyo hai ? gati ke karan ya
        gravitational force ke karan ya dark energy ke karan ?
        3) Aur upar ke sare kan gati karte hai. to ye gati kis bal se nirman hai ?
        4) Kya Dark Energy aur Garvitational force ki matra brahmand me saman matara me hai ?
        5) Kya samay antaral se alag hai ?

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      • 1.केप्लर के ग्रहीय गति के तीन नियम इस प्रकार हैं –
        सभी ग्रहों की कक्षा की कक्षा दीर्घवृत्ताकार होती है तथा सूर्य इस कक्षा के नाभिक (focus) पर होता है।
        ग्रह को सूर्य से जोड़ने वाली रेखा समान समयान्तराल में समान क्षेत्रफल तय करती है।
        ग्रह द्वारा सूर्य की परिक्रमा के आवर्त काल का वर्ग, अर्ध-दीर्घ-अक्ष (semi-major axis) के घन के समानुपाती होता है।
        2. किसी भी कण या पिंड का गोलाकार आकार गुरुत्वाकर्षण से होता है।
        3. कणो की गति चार मूलभूत बलो के प्रभाव से होती है, ये बल है विद्युत चुंबकीय बल, कमजोर नाभिकिय बल, मजबूत नाभिकिय बल और गुरुत्वाकर्षण बल। ज्यादा जानकारी के लिये इसी ब्लाग मे क्वांटम भौतिकी श्रृंखला के लेखों को देखें।
        4.श्याम ऊर्जा 74% के आसपास है जबकि गुरुत्वाकर्षण उत्पन्न करने वाला पदार्थ(साधारण 4%, श्याम 22%) 26% ही है।
        5. समय और अंतराल(अंतरिक्ष) एक दूसरे से गुंथे हुये है।

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