Archive for ‘युएफ़ओ’

फ़रवरी 7, 2011

कहां है वे ? : परग्रही जीवन श्रंखला भाग ४

by Ashish Shrivastava

सेटी प्रोजेक्ट ने अभी तक परग्रही जीवन का कोई भी संकेत नही पकड़ा है। विज्ञानीयो को अब फ्रैंक ड्रेक के बुद्धिमान परग्रही सभ्यता समीकरण के कारक पूर्वानुमानो पर पुनर्विचार करने आवश्यकता महसूस हुयी। हाल मे प्राप्त हुयी खगोल विज्ञान की नयी जानकारीयो के अनुसार बुद्धिमान परग्रही सभ्यता की संभावना, १९६० मे फ्रेंक ड्रेक द्वारा गणना की गयी संभावना से कहीं अलग है। बुद्धिमान परग्रही जीवन की नयी संभावना मूल संभावना से ज्यादा आशावादी और ज्यादा निराशावादी दोनो है।

गोल्डीलाक क्षेत्र

गोल्डीलाक क्षेत्र का एक ग्रह "हमारी धरती"।

गोल्डीलाक क्षेत्र का एक ग्रह "हमारी धरती"।

गोल्डीलाक क्षेत्र तारे से उस दूरी वाले क्षेत्र को कहा जाता है जहां पर कोई ग्रह अपनी सतह पर द्रव जल रख सकता है तथा पृथ्वी जैसे जीवन का भरण पोषण कर सकता है। यह निवास योग्य क्षेत्र दो क्षेत्रो का प्रतिच्छेदन(intersection) क्षेत्र है जिन्हे जीवन के लिये सहायक होना चाहिये; इनमे से एक क्षेत्र ग्रहीय प्रणाली का है तथा दूसरा क्षेत्र आकाशगंगा का है। इस क्षेत्र के ग्रह और उनके चन्द्रमा जीवन की सम्भावना के उपयुक्त है और पृथ्वी के जैसे जीवन के लिये सहायक हो सकते है। सामान्यत: यह सिद्धांत चन्द्रमाओ पर लागू नही होता क्योंकि चन्द्रमाओ पर जीवन उसके मातृ ग्रह से दूरी पर भी निर्भर करता है तथा हमारे पास इस बारे मे ज्यादा सैद्धांतिक जानकारी नही है।

जनवरी 31, 2011

परग्रही सभ्यता से संपर्क :परग्रही जीवन श्रंखला भाग ३

by Ashish Shrivastava

सेटी@होम स्क्रीन सेवर

सेटी@होम स्क्रीन सेवर

यदि पृथ्वी के बाहर जीवन है, तो उसकी खोज कैसे हो ? उसके साथ संपर्क कैसे हो ? एक उपाय अंतरिक्षयान के द्वारा विभिन्न ग्रहो की यात्रा का है । लेकिन वर्तमान मे हमारे अंतरिक्ष यान इतने सक्षम नही है कि अपने सौर मंडल से बाहर जा कर जीवन की खोज कर सके।

दूसरा उपाय संचार माध्यमो का है जैसे रेडीयो तरंगे। पृथ्वी के बाहर यदि कोई बुद्धिमान सभ्यता निवास करती है और विज्ञान मे मानव सभ्यता से ज्यादा विकसित या मानव सभ्यता के तुल्य विकसित है तब वह संचार माध्यमो के लिये रेडीयो तरंगो का प्रयोग अवश्य करती होगी। इसी धारणा को लेकर पृथ्वी से बाहर सभ्यता की खोज प्रारंभ हुयी है।

जनवरी 24, 2011

पृथ्वी के बाहर जीवन की वैज्ञानिक खोज : परग्रही जीवन श्रंखला भाग २

by Ashish Shrivastava

अंतरिक्ष मे जीवन की खोज करने वाले विज्ञानीयो के अनुसार अंतरिक्ष मे जीवन के बारे मे कुछ भी निश्चित कह पाना कठीन है। हम ज्ञात भौतिकी, रसायन शास्त्र और जीव विज्ञान के नियमो के अनुसार कुछ अनुमान ही लगा सकते है।

अंतरिक्ष मे जीवन की खोज से पहले यह सुनिश्चित कर लेना आवश्यक है कि किसी ग्रह पर जीवन के लिये मूलभूत आवश्यकता क्या है? पृथ्वी पर जीवन और जीवन के विकास के अध्यन तथा ज्ञात भौतिकी, रसायन शास्त्र और जीव विज्ञान के नियमो के अनुसार अंतरिक्ष मे जीवन के लिये जो आवश्यक है उनमे से प्रमुख है:

  • द्रव जल,
  • कार्बन और
  • DNA जैसे स्वयं की प्रतिकृति बनाने वाले अणु।
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जनवरी 18, 2011

क्या बाह्य अंतरिक्ष मे जीवन है ? :परग्रही जीवन श्रंखला भाग 1

by Ashish Shrivastava

क्या बाह्य अंतरिक्ष मे जीवन है ?

महान विचारक गीआर्दनो ब्रुनो

महान विचारक गीआर्दनो ब्रुनो

आज से पांच सौ वर्ष ईसवी सन 1600 मे पहले एक विचारक, गणितज्ञ और खगोलशास्त्री ने यह प्रश्न पूछा था। इस प्रश्न का उत्तर तो उस विचारक को नही मीला, उसे रोम की सड़को पर जिन्दा जला दिया गया था। इतना ही नही उसे जिन्दा जलाने से पहले उसे अपमानित करने के लिये सड़क के किनारे खम्बे पर नग्न कर उल्टा लटकाया गया था।  कोपरनिकस की तरह वह भी मानता था कि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है। वह यह भी मानता था कि बाह्य अंतरिक्ष मे हमारे जैसे अनगिनत प्राणी निवास करते है। अंतरिक्ष मे अनगिनत संतो, करोड़ो पोप, अरबो चर्चो और एकाधिक जीसस की संभावनाओ को समाप्त करने का चर्च के पास सबसे आसान उपाय था, उस विचारक को जिन्दा जला देना।

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